प्रयागराज: मुफ्त में बांटे गए सिम और डिवाइस लगे बल्ब पर खुफिया एजेंसियां सक्रिय
आतंकी साजिश की भी जांच, पांच युवक हिरासत में, एसओजी के साथ एसटीएफ ने भी जिले में डाला डेरा, पुलिस अधिकारियों ने गांवों में दौराकर लोगों से बातचीत की।
विस्तार
मेजा और कौशाम्बी के भरवारी में उज्ज्वला योजना के नाम पर बांटे गए एलईडी बल्ब में सिम लगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस निकलने के बाद आईबी तथा अन्य खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं। इस मामले में आतंकी साजिश का भी शक जताया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगे एलईडी बल्ब कब, क्यों और कैसे यहां लाए गए, इसका पता लगाने के लिए एसओजी के साथ ही एसटीएफ ने भी जिले में डेरा डाल दिया है। वहीं कौशामबी में मामले से जुड़े पांच संदिग्ध युवकों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। बृहस्पतिवार को आईजी रेंज भी इसकी जांच करेंगे।
मेजा के अमरोहा गांव में बुधवार को बाइक सवार दो युवक पहुंचे। उन्होंने खुद को बिजली विभाग से जुड़ा बताया। गांव के ही राजेश तिवारी को बल्ब का एक पैकेट देते हुए कहा कि जिन लोगों ने बिजली का कनेक्शन लिया है, उनको यह बल्ब निशुल्क बांटा जा रहा है। पैकेट देने के बाद दोनों युवक चले गए। राजेश ने बाद में पैकेट खोला तो होल्डर में सिम लगी डिवाइस मिली। जिसके बाद मेजा चौकी को सूचना दी गई। इधर, भरवारी कस्बे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। कुछ युवकों ने लोगों से उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क एलईडी बल्ब और होल्डर देने की बात कही।
बल्ब फ्यूज होने के बाद हुआ खुलासा
कुछ लोगों ने बल्ब ले लिया। युवकों के जाने के बाद वहीं रहने वाले बृजेश ने बल्ब जलाया तो वह फ्यूज निकला। बृजेश जब बल्ब को ठीक कराने के लिए बाजार में दुकानदार के पास गया तो उसमें सिम लगा हुआ इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिला। बल्ब में सिम लगी डिवाइस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। लोगों ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। जिले की एसओजी टीम ने भरवारी पहुंच कर डिवाइस समेत एलईडी बल्ब को अपने कब्जे में ले लिया है। दूसरे दिन बुधवार को एसटीएफ ने भरवारी पहुंचकर इस मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। जांच के बाद अब इस मामले में आतंकी साजिश का भी शक जताया जा रहा है।
इसे देखते हुए आईबी और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को भी सक्रिय किया गया है। बुधवार को एसटीएफ ने भरवारी, मनौरी और चरवा बाजार सहित कई अन्य स्थानों पर छापे मारे। सूत्रों के अनुसार पड़ोसी जनपद प्रयागराज, प्रतापगढ़ और वाराणसी में पुलिस और एसटीएफ ने दबिश दी है। पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसपी कौशांबी राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि यह गंभीर मामला है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में एक्सपर्ट से जांच करा रहे हैं। लखनऊ में आला अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। आईजी रेंज इस मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को खुद भरवारी जाएंगे। वे हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ भी करेंगे।
एसटीएफ और खुफिया टीमें सक्रिय, जल्द होगा खुलासा : आईजी
आईजी रेंज केपी सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। एक्सपर्ट को भी बुलाया गया है। बल्ब बांटने वालों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर यह डिवाइस किस काम में आ सकता है। जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है। वह बृहस्पतिवार को खुद भरवारी जाकर जांच करेंगे। एक्सपर्ट जांच के बाद मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
एडीजी ने देर रात जिले का किया दौरा
भरवारी में एलईडी बल्ब में सिम लगी डिवाइस मिलने के बाद आला अधिकारी भी जिले के दौरे पर पहुंच गए। बुधवार की देर रात एडीजी प्रेम प्रकाश ने जिले के दौरा कर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले की पूरी रिपोर्ट ली।
चरवा और मनौरी में भी दिए गए बल्ब
मंझनपुर। एलईडी बल्ब में सिम लगी डिवाइस चरवा और मनौरी बाजार में भी कुछ लोगों को बांटी गई हैं। इस मामले में आईटी एक्सपर्ट की टीम भी सक्रिय की गई है। बल्ब का होल्डर देखने के बाद आईबी अब इस बात की जानकारी जुटा रहा है कि इसके अलावा बल्ब कहां-कहां बाटे गए हैं। बल्ब सप्लायर की भी खोजबीन शुरू की गई है। बृजेश केसरवानी के मुताबिक जब उसे होल्डर देने के लिए युवक आया तो उसके पास एक सूची थी। सूची में भरवारी की ही एक महिला का भी नाम था। सूची में चरवा और मनौरी के लोगों का भी नाम शामिल है।
भरवारी में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सिम कार्ड लगा एलईडी बल्ब मिला है। आईटी एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है कि आखिर किस उद्देश्य से बल्ब के होल्डर में सिम और डिवाइस लगाई गई है। टेलीकॉम कंपनी से संपर्क कर सिम के बारे में जानकारी कर ली गई है। सिम एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के नाम अलाट हुआ था। अब कंपनी से संपर्क किया जा रहा है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। राधेश्याम विश्वकर्मा-एसपी
घर के बगल में मंदिर और विहिप का दफ्तर तो नहीं थे निशाने पर
भरवारी कस्बे में बृजेश केसरवानी के जिस घर से निजी टेलीकाम कंपनी का सिम व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगा बल्ब मिला है, उस घर से 20 मीटर की दूसरी पर विश्व हिंदू परिषद का कार्यालय भी है। घर से महज 50 मीटर की दूरी पर प्राचीन राम जानकी मंदिर भी है। उसी के बगल में तालाब में शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाएगा। मंदिर परिसर में भंडारा भी होना है। इन सब बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
मेजा में भी मिला डिवाइस
प्रयागराज के कौशाम्बी में इसी तरह के बल्ब में सिम मिला। मुफ्त में दिए गए बल्ब और बाक्स में सिम लगा डिवाइस मिलने से हड़कंप मचा रहा। लोग इसे आतंकियों की साजिश बताते रहे।