{"_id":"51a22d9e96037a303d314043367eb1b2","slug":"kaushambi-news-hindi-news-74","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 दिन में सिर्फ एक तालाब से हटा कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 दिन में सिर्फ एक तालाब से हटा कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Tue, 16 Jun 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सार्वजनिक जमीनों से कब्जा हटवाने को लेकर जिला प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं है। अतिक्रमण हटवाने को लेकर दिए गए राजस्व परिषद के अध्यक्ष के निर्देशों की भी अधिकारियों ने धज्जियां उड़ा दी हैं। एक से 15 जून तक चले 15 दिवसीय अभियान में कागजी कोरम पूरा करने के लिए अधिकारियों ने सिर्फ एक तालाब को कब्जा मुक्त कराया है। बाकी तालाबों से कब्जा क्यों नहीं हटवाया गया? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
बतादें कि जिले के अधिकतर गांवों में पड़ी तालाबों, पोखरों, कब्रिस्तानों और चारागाहों की जमीनों पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। जनपद के अधिकारी अवैध कब्जा हटवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसे देखते हुए राजस्व परिषद के अध्यक्ष एके गुप्ता ने 25 मई को डीएम को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने एक से 15 जून तक विशेष अभियान चलाकर सार्वजनिक जमीनों से अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी अफसरों ने सार्वजनिक जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना ठीक नहीं समझा।
राजस्व परिषद के अध्यक्ष को जवाब देने के लिए अधिकारियों ने करारी के सेसा गांव में एक तालाब से कब्जा हटवाकर कागजी कोरम पूरा कर लिया है। इसके अलावा पूरे जिले में प्रशासन को एक भी ऐसा तालाब नहीं मिला जिसमें अतिक्रमण किया गया हो। जबकि जनपद के अधिकतर गांवों में सार्वजनिक जमीनें अवैध कब्जे की भेंट चढ़ चुकी हैं। अफसरों की इस ढ़िलाई से साफ है कि सार्वजनिक जमीनें जिले में शायद ही कभी कब्जा मुक्त हो पाएंगी। प्रभारी डीएम सुरेन्द्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही सभी सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बतादें कि जिले के अधिकतर गांवों में पड़ी तालाबों, पोखरों, कब्रिस्तानों और चारागाहों की जमीनों पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। जनपद के अधिकारी अवैध कब्जा हटवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसे देखते हुए राजस्व परिषद के अध्यक्ष एके गुप्ता ने 25 मई को डीएम को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने एक से 15 जून तक विशेष अभियान चलाकर सार्वजनिक जमीनों से अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी अफसरों ने सार्वजनिक जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना ठीक नहीं समझा।
विज्ञापन
राजस्व परिषद के अध्यक्ष को जवाब देने के लिए अधिकारियों ने करारी के सेसा गांव में एक तालाब से कब्जा हटवाकर कागजी कोरम पूरा कर लिया है। इसके अलावा पूरे जिले में प्रशासन को एक भी ऐसा तालाब नहीं मिला जिसमें अतिक्रमण किया गया हो। जबकि जनपद के अधिकतर गांवों में सार्वजनिक जमीनें अवैध कब्जे की भेंट चढ़ चुकी हैं। अफसरों की इस ढ़िलाई से साफ है कि सार्वजनिक जमीनें जिले में शायद ही कभी कब्जा मुक्त हो पाएंगी। प्रभारी डीएम सुरेन्द्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही सभी सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन