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गंगा में डूबने से बालक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Mon, 01 Jun 2015 11:50 PM IST
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शीतलाधाम कड़ा दर्शन को आए प्रतापगढ़ के उदयपुर (पूरे बदवन) गांव के राजकुमार जायसवाल के 7 वर्षीय बेटे की सोमवार सुबह गंगा में डूबने से मौत हो गई। दर्शन से पहले पूरा परिवार कालेश्वर घाट में गंगास्नान करने गया था। नहाते समय ही यह हादसा हो गया। घंटे भर की मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने बालक का शव निकाला।
पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ के उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे बदवन (अठेहा) गांव निवासी राजकुमार जायसवाल सोमवार को पत्नी, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शीतला मां के दर्शन को कड़ाधाम आए थे। सुबह करीब 9 बजे परिवार के सभी सदस्य कालेश्वर घाट पर गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे। राजकुमार की पत्नी अपने 7 वर्षीय बेटे बादल को गंगा में नहला रही थी। अचानक बेटा हाथ से फिसलकर गहरे पानी में चला गया। बेटे को डूबते देख वह चीखने-चिल्लाने लगी। विवाहिता की चीखें सुनकर घाट पर हड़कंप मच गया। मौके मौजूद लोगों के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य भी गंगा में कूदकर बच्चे को पकड़ने की कोशिश की लेकिन बालक नदी में समा चुका था। बच्चे के गंगा में डूबने की खबर लगते ही इलाकाई पुलिस के साथ स्थानीय गोताखोर और तैराक पहुंच गए।
गोताखोरों ने लगभग घंटे भर की मेहनत के बाद शव बाहर निकाला। शव लेकर परिजन स्थानीय अस्पताल भागे। मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से घर-परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने सांत्वना देकर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। परिजनों के कहने पर पुलिस ने पंचनामा कर शव घरवालों को सौंप दिया। गमगीन परिजन बच्चे का शव लेकर घर चले गए। बता दें कि नहाते समय घरवालों की लापरवाही के कारण आए दिन गंगा में बच्चों के डूबने की घटनाएं हो रही हैं। अभी गंगा दशहरा पर्व पर ही कौशाम्बी में गंगास्नान के दौरान डूबने से तीन लड़कियों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी घरवाले बच्चों को गंगा में डुबकी लगवाते समय लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं।
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पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ के उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे बदवन (अठेहा) गांव निवासी राजकुमार जायसवाल सोमवार को पत्नी, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शीतला मां के दर्शन को कड़ाधाम आए थे। सुबह करीब 9 बजे परिवार के सभी सदस्य कालेश्वर घाट पर गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे। राजकुमार की पत्नी अपने 7 वर्षीय बेटे बादल को गंगा में नहला रही थी। अचानक बेटा हाथ से फिसलकर गहरे पानी में चला गया। बेटे को डूबते देख वह चीखने-चिल्लाने लगी। विवाहिता की चीखें सुनकर घाट पर हड़कंप मच गया। मौके मौजूद लोगों के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य भी गंगा में कूदकर बच्चे को पकड़ने की कोशिश की लेकिन बालक नदी में समा चुका था। बच्चे के गंगा में डूबने की खबर लगते ही इलाकाई पुलिस के साथ स्थानीय गोताखोर और तैराक पहुंच गए।
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गोताखोरों ने लगभग घंटे भर की मेहनत के बाद शव बाहर निकाला। शव लेकर परिजन स्थानीय अस्पताल भागे। मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से घर-परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने सांत्वना देकर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। परिजनों के कहने पर पुलिस ने पंचनामा कर शव घरवालों को सौंप दिया। गमगीन परिजन बच्चे का शव लेकर घर चले गए। बता दें कि नहाते समय घरवालों की लापरवाही के कारण आए दिन गंगा में बच्चों के डूबने की घटनाएं हो रही हैं। अभी गंगा दशहरा पर्व पर ही कौशाम्बी में गंगास्नान के दौरान डूबने से तीन लड़कियों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी घरवाले बच्चों को गंगा में डुबकी लगवाते समय लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं।
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