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मानदेय के लिए अध्यापकों ने तानी मुट्ठी
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:17 PM IST
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माध्यमिक तक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय नहीं दिए जाने पर गुस्सा जताया है। बैठक करके सरकार पर अनदेखी का इल्जाम लगाया। भुगतान के लिए शासन को मार्च महीने तक का अल्टीमेटम दिया। चेताया कि भुगतान नहीं किए जाने पर 5 अप्रैल से प्रदेशभर के अध्यापक विधानसभा के सामने धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
माध्यमिक शिक्षक संघ की शनिवार को पश्चिमशरीरा में बैठक हुई। इसमें वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय नहीं दिए जाने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, पुरानी पेंशन नीति बहाल नहीं होने का मुद्दा छाया रहा। बैठक में मौजूद रहे संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहर्रम अली ने वित्तविहीन स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को मानदेय नहीं दिए जाने पर गुस्सा जताया। कहाकि विधानसभा चुनाव 2012 के समय समाजवादी पार्टी के मुखिया ने सूबे में पार्टी की सरकार बनने पर वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी, लेकिन 3 साल से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी अब तक प्रदेश सरकार अध्यापकों को मानदेय का भुगतान शुरू नहीं कर सकी है।
इसके कारण वित्तविहीन स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। बैठक में अन्य पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। शिक्षकों की अनदेखी का आरोप जड़ा। प्रदेश सरकार को मानदेय भुगतान के लिए 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया। चेताया कि यदि मार्च महीने तक मानदेय भुगतान नहीं किया गया, तो 5 अप्रैल से प्रदेशभर के सभी वित्तविहीन स्कूल के शिक्षक लखनऊ पहुंचकर विधानसभा के सामने धरने पर बैठन को मजबूर होंगे। इस मौके पर भीष्मचंद्र लालमणि द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
माध्यमिक शिक्षक संघ की शनिवार को पश्चिमशरीरा में बैठक हुई। इसमें वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय नहीं दिए जाने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, पुरानी पेंशन नीति बहाल नहीं होने का मुद्दा छाया रहा। बैठक में मौजूद रहे संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहर्रम अली ने वित्तविहीन स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को मानदेय नहीं दिए जाने पर गुस्सा जताया। कहाकि विधानसभा चुनाव 2012 के समय समाजवादी पार्टी के मुखिया ने सूबे में पार्टी की सरकार बनने पर वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी, लेकिन 3 साल से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी अब तक प्रदेश सरकार अध्यापकों को मानदेय का भुगतान शुरू नहीं कर सकी है।
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इसके कारण वित्तविहीन स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। बैठक में अन्य पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। शिक्षकों की अनदेखी का आरोप जड़ा। प्रदेश सरकार को मानदेय भुगतान के लिए 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया। चेताया कि यदि मार्च महीने तक मानदेय भुगतान नहीं किया गया, तो 5 अप्रैल से प्रदेशभर के सभी वित्तविहीन स्कूल के शिक्षक लखनऊ पहुंचकर विधानसभा के सामने धरने पर बैठन को मजबूर होंगे। इस मौके पर भीष्मचंद्र लालमणि द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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