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करारी में फैला डेंगू, किशोरी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 22 Nov 2015 11:41 PM IST
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करारी (कौशाम्बी)। जानलेवा डेंगू का कहर पखवारेभर से करारी में टूट रहा है। इसकी चपेट में आकर 6 दिनों से बीमार कृष्णनगर मोहल्ले की अंजलि उर्फ ईशा (15) की शनिवार की रात मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर रात में उसे घरवाले लेकर एसजीपीजीआई लखनऊ जा रहे थे। कृष्णनगर के अलावा कस्बे के किंगनगर, हजरतगंज, अशोकनगर, इंदिरानगर, चकहिंगुई आदि मोहल्ले में भी डेंगू फैला है। इससे करीब दर्जनभर से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर है। बीमारों को इलाहाबाद के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
करारी के कृष्ण नगर निवासी प्रदीप कुमार जायसवाल की बेटी अंजलि (15) रिजवी स्प्रिंग फील्ड स्कूल में 10 वीं की छात्रा थी। छह दिन से वह बुखार से पीड़ित थी। दो दिनों तक कस्बे के ही एक निजी क्लीनिक में उसका इलाज कराया गया। तबीयत नहीं सुधरने पर परिजन उसे लेकर इलाहाबाद ले गए। परिजनों के मुताबिक वहां के निजी हास्पिटल के चिकित्सकों ने जांच में डेंगू होना पाया, तो उसी दिन उसे एसआरएन हास्पिटल रेफर कर दिया गया। तीन दिनों तक एसआरएन हास्पिटल में भर्ती अंजलि की तबीयत शनिवार को और बिगड़ गई। डॉक्टरों ने हाथ खड़े करते हुए एसजीपीजीआई लखनऊ ले जाने की सलाह दी।
परिजन उसे लेकर लखनऊ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रायबरेली के समीप ही किशोरी की सांसें थम गई। इकलौती बेटी की इस तरह से अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। डेंगू से हुई इस मौत से पूरे कस्बे में दहशत है। उधर, डेंगू के कारण कस्बे के हजरतगंज मोहल्ले की अलीजा रिजवी उर्फ जमन जहरा (5) पुत्री इम्तियाज उर्फ कब्बन, मोहम्मद गौस (20), अली अब्बास (15), इरशाद अहमद (30) के अलावा यशराज (18) निवासी कृष्णनगर, मोहम्मद अयान (8), मोहम्मद फैसल (19) निवासी किंगनगर, शिवम जायसवाल (23) निवासी इंदिरा नगर, मोहम्मद मोबीन (30) निवासी अशोक नगर, मोहम्मद इरशाद (25) निवासी चकहिंगुई, सुकांत यादव (28) निवासी बंधुरी आदि बीमार पड़े हैं।
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कौशाम्बी में डेंगू मौत का पर्याय बना हुआ है। इसकी चपेट में आने से जिले में अब तक दर्जनभर से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। 18 नवंबर को पुरामुफ्ती के बंथरी गांव के भानु (12) पुत्र ननकू सिंह, 13 नवंबर को माढो गांव की अंजलि (22) की डेंगू के कारण जान गई थी। डेंगू से चायल कस्बे की रहने वाली सलोनी (12), दुलारी (15), बहुगरा गांव निवासी प्रियंका (15), रोही गांव निवासी डिक्कन (45), सिंघवल गांव निवासी पिंटू सिंह (28), गुलामीपुर गांव निवासी नीलम श्रीवास्तव (40), ननमई (सिराथू) गांव की जैलभ (6) आदि भी काल के गाल में समा चुके हैं।
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करारी के कृष्ण नगर निवासी प्रदीप कुमार जायसवाल की बेटी अंजलि (15) रिजवी स्प्रिंग फील्ड स्कूल में 10 वीं की छात्रा थी। छह दिन से वह बुखार से पीड़ित थी। दो दिनों तक कस्बे के ही एक निजी क्लीनिक में उसका इलाज कराया गया। तबीयत नहीं सुधरने पर परिजन उसे लेकर इलाहाबाद ले गए। परिजनों के मुताबिक वहां के निजी हास्पिटल के चिकित्सकों ने जांच में डेंगू होना पाया, तो उसी दिन उसे एसआरएन हास्पिटल रेफर कर दिया गया। तीन दिनों तक एसआरएन हास्पिटल में भर्ती अंजलि की तबीयत शनिवार को और बिगड़ गई। डॉक्टरों ने हाथ खड़े करते हुए एसजीपीजीआई लखनऊ ले जाने की सलाह दी।
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परिजन उसे लेकर लखनऊ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रायबरेली के समीप ही किशोरी की सांसें थम गई। इकलौती बेटी की इस तरह से अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। डेंगू से हुई इस मौत से पूरे कस्बे में दहशत है। उधर, डेंगू के कारण कस्बे के हजरतगंज मोहल्ले की अलीजा रिजवी उर्फ जमन जहरा (5) पुत्री इम्तियाज उर्फ कब्बन, मोहम्मद गौस (20), अली अब्बास (15), इरशाद अहमद (30) के अलावा यशराज (18) निवासी कृष्णनगर, मोहम्मद अयान (8), मोहम्मद फैसल (19) निवासी किंगनगर, शिवम जायसवाल (23) निवासी इंदिरा नगर, मोहम्मद मोबीन (30) निवासी अशोक नगर, मोहम्मद इरशाद (25) निवासी चकहिंगुई, सुकांत यादव (28) निवासी बंधुरी आदि बीमार पड़े हैं।
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कौशाम्बी में डेंगू मौत का पर्याय बना हुआ है। इसकी चपेट में आने से जिले में अब तक दर्जनभर से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। 18 नवंबर को पुरामुफ्ती के बंथरी गांव के भानु (12) पुत्र ननकू सिंह, 13 नवंबर को माढो गांव की अंजलि (22) की डेंगू के कारण जान गई थी। डेंगू से चायल कस्बे की रहने वाली सलोनी (12), दुलारी (15), बहुगरा गांव निवासी प्रियंका (15), रोही गांव निवासी डिक्कन (45), सिंघवल गांव निवासी पिंटू सिंह (28), गुलामीपुर गांव निवासी नीलम श्रीवास्तव (40), ननमई (सिराथू) गांव की जैलभ (6) आदि भी काल के गाल में समा चुके हैं।