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डीएपी खाद के लिए भटक रहे हैं अन्नदाता
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Tue, 17 Nov 2015 12:45 AM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। गेहूं की बुआई के लिए कौशाम्बी के किसानों को डीएपी खाद के लिए भी मारामारी करनी पड़ रही है। समितियों में सुबह से लेकर शाम तक लाइन लगाकर खड़े रहने पर भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसका अन्नदाताओं में जबरदस्त गुस्सा है।
बता दें कि मौसम की मार में धान की फसल गंवा चुके किसान गेंहू की समय से बुआई करके नुकसान की भरपाई करना चाह रहे हैं। हालांकि खाद, बीज, पानी, बिजली की किल्लत उनकी राह में रोड़ा बनी है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो किसानों को खाद के इंतजाम में हो रही है। हफ्तेभर से रोजाना डीएपी खाद के लिए मंझनपुर समेत जिले की सभी समितियों में किसानों की भीड़ लगती है।
एक-एक बोरी के लिए उनके बीच मारामारी मची है। सोमवार को भी मंझनपुर सहकारी समिति में खाद के लिए हजारों किसान सुबह से लाइन लगाकर खड़े थे। समिति में किसानों को एक से दो बोरी खाद उपलब्ध भी कराई गई। पर, भीड़ ऐसी रही कि सुबह से लेकर शाम तक समिति में लाइन लगाकर खड़े रहे सैकड़ों किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। बरईन का पुरा गांव के किसान रामसुख, इचौली गांव के देवेंद्र कुमार, ओसा राम किसुन, देवीप्रसाद, जीतलाल आदि ने बताया कि तीन दिनों से वे रोजाना समिति खाद के लिए आते हैं। जीत लाल ने बताया कि उसे गेंहू की बुआई के लिए करीब 6 बोरी डीएपी की जरूरत है। तीन दिन में उसे सिर्फ दो बोरी खाद दी गई है। समिति के कर्मचारियों की इस मनमानी से किसानों में गुस्सा है।
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बता दें कि मौसम की मार में धान की फसल गंवा चुके किसान गेंहू की समय से बुआई करके नुकसान की भरपाई करना चाह रहे हैं। हालांकि खाद, बीज, पानी, बिजली की किल्लत उनकी राह में रोड़ा बनी है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो किसानों को खाद के इंतजाम में हो रही है। हफ्तेभर से रोजाना डीएपी खाद के लिए मंझनपुर समेत जिले की सभी समितियों में किसानों की भीड़ लगती है।
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एक-एक बोरी के लिए उनके बीच मारामारी मची है। सोमवार को भी मंझनपुर सहकारी समिति में खाद के लिए हजारों किसान सुबह से लाइन लगाकर खड़े थे। समिति में किसानों को एक से दो बोरी खाद उपलब्ध भी कराई गई। पर, भीड़ ऐसी रही कि सुबह से लेकर शाम तक समिति में लाइन लगाकर खड़े रहे सैकड़ों किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। बरईन का पुरा गांव के किसान रामसुख, इचौली गांव के देवेंद्र कुमार, ओसा राम किसुन, देवीप्रसाद, जीतलाल आदि ने बताया कि तीन दिनों से वे रोजाना समिति खाद के लिए आते हैं। जीत लाल ने बताया कि उसे गेंहू की बुआई के लिए करीब 6 बोरी डीएपी की जरूरत है। तीन दिन में उसे सिर्फ दो बोरी खाद दी गई है। समिति के कर्मचारियों की इस मनमानी से किसानों में गुस्सा है।
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