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मूल्यांकन का बहिष्कार कर धरने पर बैठे शिक्षक
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 31 Mar 2015 12:01 AM IST
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भरवारी। वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय नहीं दिए जाने समेत अन्य मागों को लेकर शिक्षकों ने यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया है। कापियां जांचने के बजाय ड्यूटी पर रहे शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्र पर ही धरने पर बैठ गए। डीआईओएस ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन अध्यापक बगैर मांग पूरी किए मूल्यांकन को तैयार नहीं हुए।
प्रदेश में सपा की सरकार बनने के दो साल बाद भी वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय नहीं दिए जाने, पुरानी पेंशन नीति नहीं लागू करने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण जैसी मांगों को लेकर जिलेभर के माध्यमिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं में गुस्सा है। इन अध्यापकों ने मांगों को पूरी करने में बरती जा रही लापरवाही को लेकर यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार का ऐलान कर रखा था। अपने ऐलान पर खरा उतरते हुए सोमवार को शुरू हुए उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन का शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बहिष्कार किया।
मूल्यांकन केंद्र पहुंचे अध्यापकों ने कापियां जांचने के बाद वहीं अपनी मांगों को बैनर लगाकर धरना शुरू कर दिया। माध्यमिक शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्र ने कहा कि बरसों से शिक्षक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। पर शासन-प्रशासन के जिम्मेदार इस ओर तनिक भी ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक शिक्षकों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं, अध्यापक मूल्यांकन का काम नहीं करेंगे। उधर, मूल्यांकन के बहिष्कार की खबर लगते ही डीआईओएस राजशेखर सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने शिक्षकों को मनाने का प्रयास किया। पर, अध्यापकों ने कोरे आश्वासन पर काम करने से साफ मना कर दिया। इस मौके पर चंद्रकांत शुक्ल, प्रभाशंकर द्विवेदी, करुणेश कुमार, बृजेंद्र नारायण, उमेश कुमार, जगतपाल सिंह, राम सजीवन गुप्त, शेर बहादुर सिंह, प्रेमचंद्र, वंशीलाल, कैलाश नाथ आदि अध्यापक मौजूद रहे।
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प्रदेश में सपा की सरकार बनने के दो साल बाद भी वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय नहीं दिए जाने, पुरानी पेंशन नीति नहीं लागू करने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण जैसी मांगों को लेकर जिलेभर के माध्यमिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं में गुस्सा है। इन अध्यापकों ने मांगों को पूरी करने में बरती जा रही लापरवाही को लेकर यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार का ऐलान कर रखा था। अपने ऐलान पर खरा उतरते हुए सोमवार को शुरू हुए उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन का शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बहिष्कार किया।
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मूल्यांकन केंद्र पहुंचे अध्यापकों ने कापियां जांचने के बाद वहीं अपनी मांगों को बैनर लगाकर धरना शुरू कर दिया। माध्यमिक शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्र ने कहा कि बरसों से शिक्षक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। पर शासन-प्रशासन के जिम्मेदार इस ओर तनिक भी ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक शिक्षकों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं, अध्यापक मूल्यांकन का काम नहीं करेंगे। उधर, मूल्यांकन के बहिष्कार की खबर लगते ही डीआईओएस राजशेखर सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने शिक्षकों को मनाने का प्रयास किया। पर, अध्यापकों ने कोरे आश्वासन पर काम करने से साफ मना कर दिया। इस मौके पर चंद्रकांत शुक्ल, प्रभाशंकर द्विवेदी, करुणेश कुमार, बृजेंद्र नारायण, उमेश कुमार, जगतपाल सिंह, राम सजीवन गुप्त, शेर बहादुर सिंह, प्रेमचंद्र, वंशीलाल, कैलाश नाथ आदि अध्यापक मौजूद रहे।
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