कौशाम्बी : विवाहिता को खुदकुशी के लिए विवश करने वाला मदरसा शिक्षक गया जेल
शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने विवाहिता के भाई मुफीस से पूछताछ की तो उसने बताया हैदरअली चरवा कोतवाली के सिरियावां का रहने वाला है। मौजूदा समय वह करारी के एक मदरसा में शिक्षक है। इस पर पुलिस ने हैदरअली को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया।
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विवाहिता को जहर खाकर खुदकुशी के लिए विवश करने के आरोपी मदरसा शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया है। विवाहिता ने जो जहर खाया था, उसकी खाली पुड़िया शिक्षक के आवास से बरामद हुई। करारी कोतवाली के नयागंज में रहने वाली खुशनुमा (30) बुधवार शाम पट्टी अब्दुल रऊफ गांव के पास दर्द से तड़पती मिली थी। किसी ग्रामीण की सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाई। यहां चिकित्सकों ने विवाहिता को मृत घोषित कर दिया। विवाहिता के हाथ में मेहंदी से हैदरअली लिखा था।
शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने विवाहिता के भाई मुफीस से पूछताछ की तो उसने बताया हैदरअली चरवा कोतवाली के सिरियावां का रहने वाला है। मौजूदा समय वह करारी के एक मदरसा में शिक्षक है। इस पर पुलिस ने हैदरअली को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। बताया खुशनुमा उससे एकतरफा प्यार करती थी। घटना वाले दिन उसने उसके आवास में आकर जहर खा लिया।
इसके बाद वह उसे बाइक से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जा रहा था तभी रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर डर की वजह से वह रास्ते में खुशनुमा को छोड़कर भाग निकला। मामले में खुशनुमा के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया हैदरअली का उसकी बहन से प्रेम-प्रसंग था। हैदरअली ने उसे खुदकुशी के लिए विवश किया था। घटना में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। उपनिरीक्षक दीपक मिश्रा ने बताया शनिवार दोपहर हैदरअली को पिंडरा के समीप से गिरफ्तार कर लिया गया। हैदरअली के कमरे से जहर की खाली पुड़िया भी बरामद हुई है।
आखिर कहां गए खुशनुमा के जेवर व घर के कागजात
खुशनुमा के भाई मुफीस ने बताया उसकी बहन की शादी 11 साल पहले दरियापुर के शमशाद से हुई थी। शादी के बाद दो बेटे हुए। इसके बाद पति-पत्नी में विवाद होने लगा। इस पर खुशनुमा करारी में किराए का कमरा लेकर बच्चों के साथ रहने लगी। तीन साल पहले मायके वालों ने खुशनुमा को करारी के नयागंज में घर खरीदकर दिया। भाई का कहना है कि मदरसा शिक्षक हैदरअली का बहन से प्रेम-प्रसंग था। हैदरअली करारी वाला घर अपने नाम कराना चाहता था। खुशनुमा की मौत के बाद जब मायके वाले उसके घर गए तो वहां बहन के जेवर व घर के रजिस्ट्री के कागजात गायब थे।