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कौशाम्बी को मिले एडीएम न्यायिक, घटेगा राजस्व मुकदमों का बोझ

Fri, 04 Sep 2020 12:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 12:51 AM IST
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Kaushambi gets ADM judicial, will reduce the burden of revenue lawsuits
मंझनपुर। जिला प्रशासन के अधीन राजस्व अदालतों में अब तारीख पर तारीख नहीं लगेगी। राजस्व मामलों को निस्तारण के लिए जनपद में 23 साल बाद अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को तैनात किया गया है। कलेक्ट्रेट में बकायदा इनकी पोस्ट स्थापित कर स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी गई। जिलाधिकारी के यहां से 34 और एडीएम राजस्व एवं वित्त प्रशासन के यहां लंबित मामलों को मिलाकर करीब पांच सौ मुकदमे को एडीएम न्यायिक की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि, इसके पहले शासन ने एडीएम न्यायिक को तैनाती थी। जिनका कुछ दिनों बाद ही तबादला कर दिया गया था।
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चार अप्रैल 1997 में तत्कालीन बसपा सरकार ने दोआबा को प्रयागराज से अलग कर कौशाम्बी जनपद का दर्जा दिया था। यहां सिर्फ एक अपर जिलाधिकारी की नियुक्ति की गई। इन्हीं के पास वित्त एवं प्रशासन दोनों का चार्ज था। जिसकी वजह से राजस्व विभाग से जुड़े तमाम मुकदमों में वादी (फरियादी) को तारीख पर तारीख मिला करती थी। अफसरों के पास तमाम ऐसे काम हुआ करते थे, जिसकी वजह से वह समय से मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पाती है। नतीजतन, कोर्ट में मुकदमों की फाइल लंबित रह जाती है।
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समस्या को देखते हुए अब शासन ने कौशाम्बी में अपर जिलाधिकारी न्यायिक के रूप में विश्राम को नियुक्त कर दिया है। एआईजी स्टांप दफ्तर के बगल स्थित हॉल में कोर्ट शिफ्ट कर दी गई है। यहां पर कर्मचारियों की नियुक्ति भी की गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं प्रशासन और जिलाधिकारी की कोर्ट से अब तक फिलहाल पांच सौ मामले एडीएम न्यायिक की अदालत में भेजे गए हैं। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से राजस्व मुकदमों के निस्तारण में काफी तेजी आएगी।
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इन मामलों के निस्तारण में आएगी तेजी
मंझनपुर। जिलाधिकारी और एडीएम की कोर्ट में राजस्व मामलों के अलावा बंदूक, शस्त्र निरस्तीकरण, स्टांप आदि से जुड़े तमाम मामले होते हैं। प्रशासनिक अफसरों के पास मुकदमे अधिक होने से प्रकरण लंबित रह जाते हैं। अब एडीएम न्यायिक की नियुक्ति से मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी।

जिले में काफी पहले एडीएम न्यायिक की कुछ दिनों के लिए नियुक्त हुई थी। राजस्व अभिलेखों में अक्सर उनके हस्ताक्षर मिलते हैं। कौशाम्बी जनपद छोटा है और यहां राजस्व वाद भी अधिक नहीं है। इस वजह से यहां एडीएम न्यायिक की नियुक्ति नहीं होती थी। अब शासन ने एडीएम न्यायिक को नियुक्त किया है। इससे मुकदमे तीन जगह बंट जाएगें। ऐसे में मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी।
मनोज, एडीएम
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