कौशांबी महोत्सव : कवि कुमार विश्वास ने बताई राम की महिमा, बोले- तुझको तेरे राम मिलेंगे, मुझको मेरा धाम मिलेगा
मां शीतला धाम के पावन तट राम कथा कहने पहुंचे राम कथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने अपने कथा प्रसंग के जरिए भगवान राम को शोषित, वंचित और दलित को जोड़ने का प्रयास किया। मानस प्रसंग का उल्लेख करते हुए कथा वाचक ने समाज के इस तबके को भगवान राम का करीबी बताया।
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मां शीतला धाम के पावन तट राम कथा कहने पहुंचे राम कथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने अपने कथा प्रसंग के जरिए भगवान राम को शोषित, वंचित और दलित को जोड़ने का प्रयास किया। मानस प्रसंग का उल्लेख करते हुए कथा वाचक ने समाज के इस तबके को भगवान राम का करीबी बताया।
कौशाम्बी महोत्सव के दूसरे दिन सिराथू विधान सभा के कड़ा स्थित फसहिया मैदान में राम कथा सुनाने पहुंचे कथा वाचक डॉ. कुमार विश्वास ने संगीतमयी कथा सुनाई। इस दौरान उन्होंने संगीत के माध्यम से कहा कि तुझकों तेरे राम मिलेगें, मुझको मेरे धाम मिलेगें। कथा प्रसंग में उन्होंने निषाद राज का जिक्र किया। जिन्होंने अयोध्या से वन गमन जाते वक्त भगवान राम को गंगा पार कराया।
निषाद राज को नाव से गंगा पार कराने के एवज में मां सीता ने उन्हें अपना जेवर देना चाहा तो निषाद राज भगवान के चरणों पर गिर पड़े। भगावान बोले, निषाद राज का यह उपकार मै भूलूंगा। निषाद राज की सेवा से खुश भगवान राम ने कहा कि तुझकों तो तेरे राम मिलेगे, लेकिन इससे (निषाद राज की सेवा भक्ति से) उनको चारों धाम मिलेगें। कथा के बहाने उन्होंने सबरी का जिक्र भी किया। जिसने भगवान राम के दर्शन पाकर उन्हें अपने जूठे बेर खिलाए।
भगवान जानते थे कि बेर जूठे हैं लेकिन सबरी इसके लिए दोषी नहीं है। वह भक्ति में लीन होकर ऐसे बेर चुनकर लाई जो खाकर उसके प्रभु का पेट भर सके। रामकथा के बहाने डॉ. विश्वास ने इशारों में शोषित, वंचित व दलित के साथ भगवान के अटूट प्रेम का संदेश भी दिया। इस मौके इस मौके पर डीएम सुजीत कुमार, एसपी बृजेश श्रीवास्तव, अनीता त्रिपाठी, शीतला प्रसाद पटेल, संजय गुप्ता, अरुण केशरवानी, प्रेमचंद्र चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।