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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Kaushambi : 104-year-old man acquitted in murder case after spending 43 years in jail

Justice: 43 साल जेल में बिताने के बाद 104 साल के लखन निर्दोष, बेटी ने कहा- अब सुकून से जाएंगे इस दुनिया से दूर

Sat, 24 May 2025 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशांबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशांबी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 24 May 2025 05:12 AM IST
सार

निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील करने वाले चार दोषियों में से तीन की मामले के लंबित रहते मौत हो गई।

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Kaushambi : 104-year-old man acquitted in murder case after spending 43 years in jail
सांकेतिक... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हत्या के आरोप में 43 साल जेल में बिताने के बाद अब 104 वर्षीय लखन उच्च न्यायालय से बरी होने के बाद कौशाम्बी जिला जेल से बाहर आ गए हैं। उनकी बेटी आशा ने कहा कि 'दाग' आखिरकार मिट गया।

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इस महीने की शुरुआत में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा लखन को बरी किए जाने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की मदद से लखन की रिहाई हुई। निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील करने वाले चार दोषियों में से तीन की मामले के लंबित रहने के दौरान मौत हो गई, जिसमें उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

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कौशाम्बी जिले के गौरे गांव के निवासी, लखन का जन्म 4 जनवरी, 1921 को हुआ था, जैसा कि उनके जेल रिकॉर्ड से पता चलता है, उन्हें 1977 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 1982 में प्रयागराज जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील की, जिसने 43 साल बाद 2 मई, 2025 को उन्हें बरी कर दिया। 

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कौशांबी डीएलएसए की सचिव अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पूर्णिमा प्रांजल ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद और जिला जेल अधीक्षक के सहयोग से लखन को मंगलवार को कौशांबी जिला जेल से रिहा कर दिया गया।

इसके बाद उन्हें जिले के शरीरा थाना क्षेत्र में उनकी बेटी के ससुराल ले जाया गया, जहां वे वर्तमान में रहते हैं। आशा ने कहा कि उनके पिता को लगातार पैर में दर्द रहता है और वे बिना सहायता के हिल नहीं सकते। वे लंबे समय तक खड़े नहीं हो पाते हैं और उन्हें दैनिक गतिविधियों के लिए मदद की आवश्यकता होती है। 
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उन्होंने कहा कि उनके पिता अब संतुष्ट हैं कि उन्हें बरी कर दिया गया है, और कहा कि "43 साल का दाग" आखिरकार धुल गया है। उन्होंने कहा, "वह राहत महसूस कर रहे हैं और संतुष्ट हैं तथा अब शांति और संतुष्टि के साथ इस दुनिया से विदा ले सकते हैं।

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