{"_id":"6ad67bfdfd8fbc6160030e88","slug":"leakage-in-an-oleum-acid-filled-tanker-in-kaushambi-a-major-incident-averted-kaushambi-news-c-261-1-kmb1009-150394-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: कौशाम्बी में ओलियम एसिड से भरे टैंकर में रिसाव, हादसा बचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: कौशाम्बी में ओलियम एसिड से भरे टैंकर में रिसाव, हादसा बचा
विज्ञापन
टैंकर से ओलियम एसिड रिसाव के दौरान मौजूद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमद्य। संवाद
सैनी थाना क्षेत्र के कनवार बॉर्डर के पास सोमवार सुबह हाईवे पर ओलियम एसिड से भरे टैंकर से रिसाव होने लगा। सड़क पर खतरनाक रसायन बहने और धुआं उठने से अफरातफरी मच गई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा हो गया।
जानकारी के अनुसार, कानपुर के मिल्लौर निवासी चालक प्रमोद कुमार पुत्र रामलोचन मलवा से टैंकर में ओलियम एसिड लादकर बिहार के नालंदा जा रहे थे। इसी दौरान कनवार बॉर्डर के पास टैंकर की टंकी से अचानक रिसाव शुरू हो गया।
सूचना मिलने पर सैनी कोतवाली प्रभारी त्रिलोकीनाथ पांडेय और अजुहा पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने टैंकर को एक बंद ढाबे पर पहुंचवाया। वहां फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रिसाव पर काबू पाया और रसायन को दूसरे टैंकर में पलटकर उसे गंतव्य के लिए रवाना कराया। समय रहते पुलिस और अग्निशमन टीम के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और यातायात भी बाधित नहीं हुआ।
विज्ञापन
सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। एहतियात के तौर पर टैंकर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
इतना खतरनाक है ओलियम
ओलियम एसिड अत्यधिक संक्षारक और खतरनाक रसायन है। इसके संपर्क में आने से त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हवा के संपर्क में आने पर यह घना सफेद धुआं छोड़ता है, जिसे सांस के साथ अंदर लेना जानलेवा साबित हो सकता है।
श्री हुबलाल इंटरमीडिएट कॉलेज, भरवारी के रसायन विज्ञान प्रवक्ता पीयूष श्रीवास्तव के मुताबिक, ओलियम का इस्तेमाल सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड बनाने के साथ ही विस्फोटक, रंग, डिटर्जेंट और औषधियों के निर्माण में किया जाता है। पेट्रोलियम उत्पादों को शुद्ध करने में भी इसका उपयोग होता है।
बताया कि ओलियम पानी या नमी के संपर्क में आने पर तेजी से प्रतिक्रिया कर सकता है। इस दौरान अत्यधिक गर्मी पैदा होती है और संक्षारक सल्फ्यूरिक एसिड बनता है। इसके रिसाव से निकलने वाली गैसें फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। रिसाव होने पर लोगों को घटनास्थल से दूर रहना चाहिए और विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।
कोखराज टोल प्लाजा पर टैंकर में धमाके से गई थी पांच लोगों की जान
मंझनपुर। कोखराज नेशनल हाईवे-19 पर सिहोरी टोल प्लाजा में 26 जून की सुबह एलपीजी से भरे टैंकर में हुए भीषण धमाके ने पांच लोगों की जान ले ली थी। हादसा इतना भयावह था कि टोल प्लाजा का ढांचा, कई वाहन और सीसीटीवी कैमरे समेत सर्वर सिस्टम जलकर नष्ट हो गए थे। सुबह करीब 4:45 से 6:38 बजे के बीच टैंकर अनियंत्रित होकर डिवाइडर या टोल बूथ से टकरा गया। इसके बाद गैस का रिसाव होने लगा। टोल प्लाजा पर चल रहे जनरेटर से निकली चिंगारी से गैस में आग लग गई और जोरदार धमाका हुआ। हादसे में टैंकर चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। संवाद
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, कानपुर के मिल्लौर निवासी चालक प्रमोद कुमार पुत्र रामलोचन मलवा से टैंकर में ओलियम एसिड लादकर बिहार के नालंदा जा रहे थे। इसी दौरान कनवार बॉर्डर के पास टैंकर की टंकी से अचानक रिसाव शुरू हो गया।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर सैनी कोतवाली प्रभारी त्रिलोकीनाथ पांडेय और अजुहा पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने टैंकर को एक बंद ढाबे पर पहुंचवाया। वहां फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रिसाव पर काबू पाया और रसायन को दूसरे टैंकर में पलटकर उसे गंतव्य के लिए रवाना कराया। समय रहते पुलिस और अग्निशमन टीम के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और यातायात भी बाधित नहीं हुआ।
विज्ञापन
सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। एहतियात के तौर पर टैंकर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
इतना खतरनाक है ओलियम
ओलियम एसिड अत्यधिक संक्षारक और खतरनाक रसायन है। इसके संपर्क में आने से त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हवा के संपर्क में आने पर यह घना सफेद धुआं छोड़ता है, जिसे सांस के साथ अंदर लेना जानलेवा साबित हो सकता है।
श्री हुबलाल इंटरमीडिएट कॉलेज, भरवारी के रसायन विज्ञान प्रवक्ता पीयूष श्रीवास्तव के मुताबिक, ओलियम का इस्तेमाल सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड बनाने के साथ ही विस्फोटक, रंग, डिटर्जेंट और औषधियों के निर्माण में किया जाता है। पेट्रोलियम उत्पादों को शुद्ध करने में भी इसका उपयोग होता है।
बताया कि ओलियम पानी या नमी के संपर्क में आने पर तेजी से प्रतिक्रिया कर सकता है। इस दौरान अत्यधिक गर्मी पैदा होती है और संक्षारक सल्फ्यूरिक एसिड बनता है। इसके रिसाव से निकलने वाली गैसें फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। रिसाव होने पर लोगों को घटनास्थल से दूर रहना चाहिए और विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।
कोखराज टोल प्लाजा पर टैंकर में धमाके से गई थी पांच लोगों की जान
मंझनपुर। कोखराज नेशनल हाईवे-19 पर सिहोरी टोल प्लाजा में 26 जून की सुबह एलपीजी से भरे टैंकर में हुए भीषण धमाके ने पांच लोगों की जान ले ली थी। हादसा इतना भयावह था कि टोल प्लाजा का ढांचा, कई वाहन और सीसीटीवी कैमरे समेत सर्वर सिस्टम जलकर नष्ट हो गए थे। सुबह करीब 4:45 से 6:38 बजे के बीच टैंकर अनियंत्रित होकर डिवाइडर या टोल बूथ से टकरा गया। इसके बाद गैस का रिसाव होने लगा। टोल प्लाजा पर चल रहे जनरेटर से निकली चिंगारी से गैस में आग लग गई और जोरदार धमाका हुआ। हादसे में टैंकर चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। संवाद

टैंकर से ओलियम एसिड रिसाव के दौरान मौजूद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमद्य। संवाद

टैंकर से ओलियम एसिड रिसाव के दौरान मौजूद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमद्य। संवाद