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बैगवां स्थित कबीर आश्रम में आयोजित हुआ दो दिवसीय कबीर सत्संग समारोह
Thu, 11 Apr 2019 12:49 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 11 Apr 2019 12:49 AM IST
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satsang
- फोटो : kaushambi
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मंझनपुर। सदर तहसील के बैगवां स्थित कबीर आश्रम में बुधवार को दो दिवसीय कबीर सत्संग समारोह का आयोजन हुआ। पहले दिन समारोह की शुरुआत कबीर की मौलिक रचना बीजक के पाठ से हुई। फिर भजनों का दौर चला। जिसमें दिल्ली से आए भजन गायक लाल सिंह व कोलकाता के योगेंद्र दास ने अपने-अपने भजनों के जरिए सभा को मंत्रमुग्ध किया।
संत यशेंद्र साहेब ने कहा कि सत्संग हमारे जीवन का आधार है। जैसे बिना पैर के चलना असंभव है ऐसे ही बिना सत्संग के जीवन में असली सुख, शांति एवं समृद्धि असंभव है। आज सर्वत्र कला, आर्ट और डिजाइन का जमाना है। मगर जीवन को कैसे डिजाइन किया जाए इसकी न तो कोई सरकारी संस्था है और ना ही कोई प्राइवेट सिस्टम। आज सद्गुरु-संत ही चलते-फिरते मुफ्त संस्था हैं। जहां जीवन को निखारने की कला सिखाई जाती है, जिनका अंतिम फल मुक्ति है। आश्रम प्रमुख संत राम साहेब ने अपने प्रवचन में सद्गुरु रामसूरत साहेब की साखी का उल्लेख किया। कबीर आश्रम खागा के संत शंकर साहेब व गुजरात आश्रम के संत ज्ञान साहेब ने भी संबोधित किया।
आश्रम प्रमुख संत ने बताया कि आखिरी दिन गुरुवार को सुबह आठ बजे से बीजक पाठ, भजन और प्रवचन से पहला सत्र शुरू होगा। फिर दूसरी सभा दोपहर ढाई बजे से शाम छह बजे तक चलेगी। जिसमें भजन एवं प्रवचन के बाद अंत में सद्गुरु-संतों की पूजा और आरती की जाएगी। इस अवसर पर कबीर आश्रम इंदौर से संत कल्याण साहेब, लखनऊ से साध्वी राजेश्वरी साहेब, बड़ोदरा से संत अचल साहेब, नागपुर से संत यतींद्र साहेब समेत विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों एवं सत्संग प्र्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, पूर्व सांसद शैलेंद्र भी उपस्थित रहे।
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संत यशेंद्र साहेब ने कहा कि सत्संग हमारे जीवन का आधार है। जैसे बिना पैर के चलना असंभव है ऐसे ही बिना सत्संग के जीवन में असली सुख, शांति एवं समृद्धि असंभव है। आज सर्वत्र कला, आर्ट और डिजाइन का जमाना है। मगर जीवन को कैसे डिजाइन किया जाए इसकी न तो कोई सरकारी संस्था है और ना ही कोई प्राइवेट सिस्टम। आज सद्गुरु-संत ही चलते-फिरते मुफ्त संस्था हैं। जहां जीवन को निखारने की कला सिखाई जाती है, जिनका अंतिम फल मुक्ति है। आश्रम प्रमुख संत राम साहेब ने अपने प्रवचन में सद्गुरु रामसूरत साहेब की साखी का उल्लेख किया। कबीर आश्रम खागा के संत शंकर साहेब व गुजरात आश्रम के संत ज्ञान साहेब ने भी संबोधित किया।
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आश्रम प्रमुख संत ने बताया कि आखिरी दिन गुरुवार को सुबह आठ बजे से बीजक पाठ, भजन और प्रवचन से पहला सत्र शुरू होगा। फिर दूसरी सभा दोपहर ढाई बजे से शाम छह बजे तक चलेगी। जिसमें भजन एवं प्रवचन के बाद अंत में सद्गुरु-संतों की पूजा और आरती की जाएगी। इस अवसर पर कबीर आश्रम इंदौर से संत कल्याण साहेब, लखनऊ से साध्वी राजेश्वरी साहेब, बड़ोदरा से संत अचल साहेब, नागपुर से संत यतींद्र साहेब समेत विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों एवं सत्संग प्र्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, पूर्व सांसद शैलेंद्र भी उपस्थित रहे।
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