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प्रभाषगिरि में उमड़ा भक्तों का सैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Thu, 15 Jan 2015 12:10 AM IST
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गोराजू/कड़ा। मकर संक्रांति पर्व पर ऐतिहासिक प्रभाषगिरि (पभोषा) में
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दर्शन-पूजन को भक्तों की भारी भीड़ जुटी। खराब मौसम के बाद भी यमुना स्नान,
बहुलाधाम और भगवान पद्मप्रभु की तपोस्थली के दर्शन और खिचड़ी दान करने को
कौशाम्बी के अलावा आसपास के जिलों से भी हजारों दर्शनार्थी मेले में आए थे।
मकर संक्रांति पर कड़ा समेत जिले के विभिन्न घाटों में भी डुबकी लगाकर
हजारों लोगों ने पुण्य कमाया।
मकर संक्रांति के पर्व पर कौशाम्बी के प्रभाषगिरि में सदियों से मेला लगता आ रहा है। यमुना किनारे स्थित इस ऐतिहासिक पहाड़ी पर स्थित बहुलाधाम दर्शन को मकर संक्रांति पर भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। जैनधर्म के छठें तीर्थंकर भगवान पद्म प्रभु की तपोस्थली होने के नाते यहां इस दिन जैन धर्मावलंबी भी दर्शन-पूजन को आते हैं। मौसम खराब होने के बाद भी मकर संक्रांति के मेले में बुधवार की सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कौशाम्बी के अलावा चित्रकूट, बांदा, महोबा, फतेहपुर, इलाहाबाद, प्रतापगढ़ आदि जिलों से आकर लोगों ने यमुना में डुबकी लगाई। बहुलाधाम मंदिर में दर्शन-पूजन और खिचड़ी का दान किया।
बताया जाता है कि 14 जनवरी के दिन ही जैनधर्म के तीर्थंकर भगवान पद्म प्रभु को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, तभी से 14 जनवरी को प्रभाषगिरि में तपोस्थली के दर्शन को बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी भी आते हैं। वे इस दिन को यहां प्रकाशपर्व के रूप में भी मनाते हैं। वहीं मकर संक्रांति पर प्रभाषगिरि (पभोषा) में लगे मेला का भी लोगों ने लुफ्त उठाया। बच्चों ने जहां झूला झूला, पकवान खाए। वहीं लोगों ने मेले में लोहे और लकड़ी के घरेलू सामानों की खरीददारी भी की। उधर, मकर संक्रांति पर्व पर कड़ा, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपनि आदि गंगाघाटों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर खिचड़ी दान करके पुण्य कमाया।
मकर संक्रांति के पर्व पर कौशाम्बी के प्रभाषगिरि में सदियों से मेला लगता आ रहा है। यमुना किनारे स्थित इस ऐतिहासिक पहाड़ी पर स्थित बहुलाधाम दर्शन को मकर संक्रांति पर भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। जैनधर्म के छठें तीर्थंकर भगवान पद्म प्रभु की तपोस्थली होने के नाते यहां इस दिन जैन धर्मावलंबी भी दर्शन-पूजन को आते हैं। मौसम खराब होने के बाद भी मकर संक्रांति के मेले में बुधवार की सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कौशाम्बी के अलावा चित्रकूट, बांदा, महोबा, फतेहपुर, इलाहाबाद, प्रतापगढ़ आदि जिलों से आकर लोगों ने यमुना में डुबकी लगाई। बहुलाधाम मंदिर में दर्शन-पूजन और खिचड़ी का दान किया।
बताया जाता है कि 14 जनवरी के दिन ही जैनधर्म के तीर्थंकर भगवान पद्म प्रभु को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, तभी से 14 जनवरी को प्रभाषगिरि में तपोस्थली के दर्शन को बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी भी आते हैं। वे इस दिन को यहां प्रकाशपर्व के रूप में भी मनाते हैं। वहीं मकर संक्रांति पर प्रभाषगिरि (पभोषा) में लगे मेला का भी लोगों ने लुफ्त उठाया। बच्चों ने जहां झूला झूला, पकवान खाए। वहीं लोगों ने मेले में लोहे और लकड़ी के घरेलू सामानों की खरीददारी भी की। उधर, मकर संक्रांति पर्व पर कड़ा, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपनि आदि गंगाघाटों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर खिचड़ी दान करके पुण्य कमाया।