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अनजानों से पंचनामा भरवा रही खाकी

Sat, 08 Jul 2017 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sat, 08 Jul 2017 01:13 AM IST
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in kaushambi police is not serious recovered unknown bodies
लावारिस लाशों का पंचनामा भराने में जिले की पुलिस खेल कर रही है। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पंचनामा भराने के बजाय पुलिस अपने चहेतों से पंचनामा भरवाती है, जिनको घटना के बारे में पता ही नहीं होता। वे दबाव में पंचनामा में हस्ताक्षर कर चले जाते हैं। पुलिस के इस खेल से पर्दा उठ चुका है। कोखराज थाने की पुलिस इस मामले में बुरी तरह फंस गई है। पेंच फंसने पर अब कोखराज पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए छटपटा रही है।
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कौशाम्बी में लगभग हर पांचवें दिन एक लावारिस लाश मिलती है। पुलिस साल भर शवों को ढोकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाती रहती है। शवों का पंचनामा यानी पंचान भरने में पुलिस एक-एक चोट, घटनास्थल की स्थिति, नजरी-नक्शा, इसके अलावा उसकी हुलिया आदि की जानकारी दर्ज करती है। अज्ञात शवों के मामले में पुलिस उसे हादसा बताने की पूरी कोशिश करती है।
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जहां शव मिलते हैं, वहां के लोगों से पुलिस पंचनामा नहीं भरवाती है। कम से कम पांच लोगों का पंचनामा में हस्ताक्षर होता है जो इसकी तस्दीक करते हैं कि मिले शव में कहां-कहां कितनी चोटें थीं और प्रथम दृष्टया घटना क्या रही होगी? इन पांच लोगों में एक उपनिरीक्षक, एक मजिस्ट्रेट और तीन ग्रामीण होते हैं। इतनी तगड़ी व्यवस्था को इलाकाई पुलिस अपने चहेतों के जरिए चुनौती दे रही है।
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बानगी की तौर पर कोखराज पुलिस का एक कारनामा लेते हैं। 13 जून को चमंधा गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक की लाश पड़ी मिली। मौके पर पहुंची भरवारी चौकी पुलिस ने मौजूद लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने खेल करते हुए तीन लोगों से पंचनामा भरवा लिया। इनमें असवां, करारी के पिंडरा और एक चरवा के लोही गांव के एक-एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए शव  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।


उसी शव की पहचान दस दिन बाद गांव के अजय कुमार के रूप में हुई। लापता बेटे की तलाश पिता चौकी पहुंचा तो पुलिस ने उसे कपड़े दिखाए तो वह फफक पड़ा। पंचनामा भरने वाले लोगों से उसने हकीकत पता करने का प्रयास किया तो उन्होंने एकदम से चुप्पी साध ली। वे घटना की सही जानकारी ही पीड़ित परिवार को नहीं दे पा रहे हैं। मामले की शिकायत पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से की है।
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