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बीमार है पशु तो करें कॉल, घर आएगा अस्पताल
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। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कई बार पालतू पशुओं की मौत हो जाती है। इसे बड़ा नुकसान मानकर पशु पालक मानसिक तनाव में आ जाते हैं। किसानों की इस दिक्कत को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ‘मोबाइल वेटनरी वैन’ शुरू करने जा रही है। यह सुविधा शुरू होने के बाद एक कॉल करने पर मोबाइल वैन में डॉक्टर दवाइयां लेकर पशु पालकों के घर पहुंचेंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जिले में नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस सेवा की तर्ज पर ‘मोबाइल वेटनरी वैन’ के तहत मोबाइल वैन चलाई जाएंगी। जिले को पांच पशु चिकित्सा मोबाइल वैन मिलेगी। इस मोबाइल वैन में एक पशु चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट एवं दो पैरा वेटनरी स्टॉफ, मेडिकल पशुओं की चिकित्सा संबंधी उपकरण और दवाइयां होंगी। इसे टोल फ्री नंबर 1962 से जोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर पशु पालक इस पर फोन कर सकेंगे। किसी भी गांव में रहने वाले पशु पालक के फोन करने पर पशु चिकित्सा मोबाइल वैन मौके पर पहुंच जाएगी। मोबाइल वैन में डॉक्टर मौजूद होंगे, जो बीमार पशु का परीक्षण करने के साथ दवाएं भी देंगे। इससे पशुओं को तुरंत और सही इलाज मिल सकेगा। उचित समय पर टीकाकरण न होने से पशु विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। यह मोबाइल वैन पशुओं के टीकाकरण में भी सहायक होगी।
जिन गांवों में पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी नहीं है, उन गांवों के पशु पालकों को यह सुविधा प्राथमिकता पर मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि पशुओं के उपचार के लिए कई गांवों पशु अस्पताल और डिस्पेंसरी हैं, जहां चिकित्सक और कर्मचारियों की तैनाती है। मगर इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे भी गांव हैं, जहां पशुओं के उपचार के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन गांवों के पशुपालकों को पशुओं की बीमारी के दौरान प्राइवेट पशु चिकित्सक या फिर नजदीकी पशु अस्पताल से सेवा लेनी होती है। ऐसे में पशुपालकों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। हालात को देखते हुए ही पशु पालन विभाग ने मोबाइल वेटरनरी वैन की सुविधा मुहैया कराने की पहल की है। जिले को पांच वैन मिलते ही पशु पालकों को अपने मवेशियों का उपचार कराने में सुविधा मुहैया होगी।
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स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस सेवा की तर्ज पर ‘मोबाइल वेटनरी वैन’ के तहत मोबाइल वैन चलाई जाएंगी। जिले को पांच पशु चिकित्सा मोबाइल वैन मिलेगी। इस मोबाइल वैन में एक पशु चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट एवं दो पैरा वेटनरी स्टॉफ, मेडिकल पशुओं की चिकित्सा संबंधी उपकरण और दवाइयां होंगी। इसे टोल फ्री नंबर 1962 से जोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर पशु पालक इस पर फोन कर सकेंगे। किसी भी गांव में रहने वाले पशु पालक के फोन करने पर पशु चिकित्सा मोबाइल वैन मौके पर पहुंच जाएगी। मोबाइल वैन में डॉक्टर मौजूद होंगे, जो बीमार पशु का परीक्षण करने के साथ दवाएं भी देंगे। इससे पशुओं को तुरंत और सही इलाज मिल सकेगा। उचित समय पर टीकाकरण न होने से पशु विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। यह मोबाइल वैन पशुओं के टीकाकरण में भी सहायक होगी।
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जिन गांवों में पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी नहीं है, उन गांवों के पशु पालकों को यह सुविधा प्राथमिकता पर मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि पशुओं के उपचार के लिए कई गांवों पशु अस्पताल और डिस्पेंसरी हैं, जहां चिकित्सक और कर्मचारियों की तैनाती है। मगर इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे भी गांव हैं, जहां पशुओं के उपचार के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन गांवों के पशुपालकों को पशुओं की बीमारी के दौरान प्राइवेट पशु चिकित्सक या फिर नजदीकी पशु अस्पताल से सेवा लेनी होती है। ऐसे में पशुपालकों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। हालात को देखते हुए ही पशु पालन विभाग ने मोबाइल वेटरनरी वैन की सुविधा मुहैया कराने की पहल की है। जिले को पांच वैन मिलते ही पशु पालकों को अपने मवेशियों का उपचार कराने में सुविधा मुहैया होगी।
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