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पत्नी को दहेज के लिए मार डालने में पति को आजीवन कारावास
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मंझनपुर। महेवाघाट कोतवाली के स्थानीय गांव में छह साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है।
अभियोजन के मुताबिक चित्रकूट जिले के मऊ निवासी भुल्लन ने 2011 में अपनी बेटी आशा की शादी महेवाघाट निवासी अवधेश उर्फ बेटा के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले एक लाख दहेज की मांग करके आशा को प्रताड़ित करने लगे। एक जनवरी 2016 को ससुरालियों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आशा को जलाकर मार डाला। इतना ही नहीं मायके वालों को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
यह मामला अपर जिला जज कीर्ति कुणाल की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्र ने की। उन्होंने सात गवाहों को पेश कर आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। बृहस्पतिवार को अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पति अवधेश को आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने की सजा दी। अर्थदंड में 30 हजार रुपये वादी को देने का आदेश दिया गया है।
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अभियोजन के मुताबिक चित्रकूट जिले के मऊ निवासी भुल्लन ने 2011 में अपनी बेटी आशा की शादी महेवाघाट निवासी अवधेश उर्फ बेटा के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले एक लाख दहेज की मांग करके आशा को प्रताड़ित करने लगे। एक जनवरी 2016 को ससुरालियों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आशा को जलाकर मार डाला। इतना ही नहीं मायके वालों को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
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यह मामला अपर जिला जज कीर्ति कुणाल की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्र ने की। उन्होंने सात गवाहों को पेश कर आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। बृहस्पतिवार को अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पति अवधेश को आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने की सजा दी। अर्थदंड में 30 हजार रुपये वादी को देने का आदेश दिया गया है।
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