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जिले में तालाबों पर बना लिए घर

Sun, 08 Dec 2019 12:30 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 12:30 AM IST
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Homes built on ponds in the district
Homes built on ponds in the district - फोटो : KAUSHAMBI
जिले में तालाबों पर बना लिए घर
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कागज तक की सिमट कर रह जाता है तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान
तालाबों में कूड़ा-कचरा फेंककर नगर प्रशासन खुद अप्रत्यक्ष रूप से करवा रहा अवैध कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बढ़ते जा रहे नगरीय इलाके के दायरे ने भू-माफिया की बल्ले-बल्ले कर दी है। नगर पंचायत प्रशासन से साठगांठ कर माफिया तालाबी नंबर पर कब्जा करवा रहे हैं। तालाबों में कूड़ा-कचरा फेंककर नगर प्रशासन खुद अप्रत्यक्ष रूप से करवा रहा अवैध कब्जा। इससे बरसात के दिनों में लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
गांव से हर व्यक्ति नगरीय इलाके की तरफ खिंचा जा रहा है। उद्योग विहीन जनपद में बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा कस्बों में एक छोटी सी दुकान खोलने को बेताब हैं। इसके कारण नगर पंचायतों का दायरा बढ़ता जा रहा है। नगर के अंदर बसने की चाहत में लोग तालाब तक को नहीं छोड़ रहे है। नगर पंचायत प्रशासन से मिलीभगत करके तालाबों पर कब्जा किया जा रहा है। जब कभी अभियान चलता है तो प्रशासन की तरफ से कब्जेदारों को सिर्फ नोटिस जारी की जाती है। किसी अतिक्रमण को जिम्मेदारों ने खुद हटाना मुनासिब नहीं समझा। चायल, सिराथू, अजुहा, भरवारी और करारी के तालाबों में भी लोगों ने घर बना लिया है। वहीं लोगों का कहना है कि तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान कागज तक सिमट कर रह जाता है
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मंझनपुर में होता है जलभराव
मंझनपुर। कौशाम्बी का जिला मुख्यालय मंझनपुर को बनाया गया है। मुख्यालय बनने के बाद यहां की जमीनों के भाव आसमान छूने लगे। बाहर के प्रॉपर्टी डीलरों ने यहां की कृषि योग्य जमीनों को औने-पौने दाम में खरीद ली। ऊसर-बंजर जमीन भी बिक गई। तेजी से बढ़ी आबादी के कारण मुख्यालय के सभी तालाब अतिक्रमण की चपेट में आ गए। बरसात के दिनों में इस बार कस्बे में जलभराव हुआ था। कर्बला के पास तीन से चार फिट पानी सड़क पर था। बाद में जेसीबी से नाला खुदवाया गया व तालाब में बने घरों का पानी निकालने के लिए पंप का सहारा लेना पड़ा।
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सरायअकिल में सिमट गया है तालाबों का दायरा
सरायअकिल। कस्बे में सात तालाब हैं। बस अड्डे के सामने मोटई कहार तालाब कागज में करीब चार बीघे दस विस्वा है. रामसगरा तालाब पांच बीघे, छटुवा तालाब पांच बीघे, नौआ गड़ही चार बीघे 10 विश्वा, अंबेडकर नगर का तालाब तीन बीघे, बनिया तालाब सात बीघे 10 विश्वा और फकीराबाद स्थित तालाब करीब दो बीघे अभिलेखों में दर्ज है। जबकि हकीकत में देखा जाए तो तालाबों की शक्ल यहां गड़ही सरीखी हो गई है। किसी तालाब का रकबा एक बीघा भी पूरा नहीं कर पा रहा। हालांकि ईओ लालजी ने बताया कि तालाबों का सीमांकन कराकर जल्द ही उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

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इनका कहना है
प्रशासन की हर मीटिंग में अफसरों को तालाब एवं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया जाता है। समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। नगर पंचायतों से अतिक्रमण के बाबत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।-मनोज, अपर जिलाधिकारी
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