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देश का दूसरा ‘कलाम’ बनना चाहता है हिमांशु
Sat, 15 Jun 2019 01:01 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, कौशांबी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशांबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 15 Jun 2019 01:01 AM IST
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बेटे हिमांशु की सफलता पर मुंह मीठा कराती मां
- फोटो : kaushambi
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राजकीय पॉलीटेक्निक टेवां में कार्यरत लवकुश सिंह के बेटे हिमांशु गौरव सिंह ने आल इंडिया जेईई की परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। हिमांशु आगे चलकर पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम सरीखा बनना चाहता है।
मूलत: प्रयागराज के नैनी में रहने वाले लवकुश सिंह का परिवार पिछले दस साल से गोरखपुर में हैं। कौशाम्बी में तैनाती से पहले वह गोरखपुर में ही पोस्ट थे। लवकुश सिंह का बड़ा बेटा हिमांशु गौरव सिंह बचपन से ही पढ़ने में होनहार था।
इसी साल उसने गोरखपुर से ही इंटरमीडिएट की परीक्षा 99 प्रतिशत अंक के साथ पास की थी। हिमांशु को जेईई की परीक्षा में 372 में 340 अंक प्राप्त हुए है। हिमांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने मां-बाप को देते हैे।
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हिमांशु की मां रूपा सिंह गृहणी है और छोटा भाई अंशुमान हाईस्कूल में है। हिमांशु का कहना है कि पढ़ाई में उसके पिता ने बराबर का सहयोग दिया। वह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बड़ा नाम कमाना चाहता है।
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मूलत: प्रयागराज के नैनी में रहने वाले लवकुश सिंह का परिवार पिछले दस साल से गोरखपुर में हैं। कौशाम्बी में तैनाती से पहले वह गोरखपुर में ही पोस्ट थे। लवकुश सिंह का बड़ा बेटा हिमांशु गौरव सिंह बचपन से ही पढ़ने में होनहार था।
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इसी साल उसने गोरखपुर से ही इंटरमीडिएट की परीक्षा 99 प्रतिशत अंक के साथ पास की थी। हिमांशु को जेईई की परीक्षा में 372 में 340 अंक प्राप्त हुए है। हिमांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने मां-बाप को देते हैे।
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हिमांशु की मां रूपा सिंह गृहणी है और छोटा भाई अंशुमान हाईस्कूल में है। हिमांशु का कहना है कि पढ़ाई में उसके पिता ने बराबर का सहयोग दिया। वह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बड़ा नाम कमाना चाहता है।