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Kaushambi News: वजन करने की मशीन बनकर रह गए स्वास्थ्य केंद्रों में लगे हेल्थ एटीएम
Tue, 24 Oct 2023 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:16 AM IST
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मंझनपुर। रोगियों की सुविधा के लिए जिले के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और कुछ पीएचसी में हेल्थ एटीएम लगवाए थे। ताकि बिना पैथालॉजी में लाइन लगाए मरीजों की 30 तरह की जांचें हो जाएं। इस समय ये मशीनें केवल वजन नापने समेत कुछ जांचों तक सीमित रह गई हैं।
दो अलग-अलग कंपनियों ने एक साल के अंदर ही जिले को 13 हेल्थ एटीएम दिए थे। इनमें से 10 मशीनें जीवीके कंपनी से तो तीन हेल्थ एटीएम यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लखनऊ की ओर से दी गई हैं। सभी आठ सीएचसी के अलावा कुछ पीएचसी में भी मशीनें दी गई हैं।
इन मशीनों में बिना किसी ऑपरेटर के मरीज खुद वजन, लंबाई, आंखों की रोशनी, फैट, बॉडी वाटर, प्रोटीन, बेसल मेटाबोलिक रेट, मेटाबोलिक ग्रेट, ऑक्सीजन प्रोड्यूज, ब्लड प्रेशर और पल्स समेत 30 तरह की जांचें कर सकता है। शुगर, हिमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल सहित कई जांचें ब्लड की भी होती हैं। ब्लड टेस्ट के लिए किट की जरूरत पड़ती है, जिसका इस वक्त स्वास्थ्य केंद्रों में संकट है। सीएचसी आलमचंद्र में पिछले दो महीने से किट नहीं है। कुछ यही हाल सीएचसी कौशाम्बी व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का है। किट न होने के कारण हेल्थ एटीएम से ब्लड से जुड़ी जांचें नहीं हो पा रहीं हैं।
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जिस कंपनी की मशीन, उसी की लगती है किट
स्वास्थ्य विभाग चाहकर भी स्थानीय स्तर पर हेल्थ एटीएम में लगने वाली किट नहीं खरीद सकता। मशीन जिस कंपनी की होगी, उसी कंपनी की किट उसमें लगेगी। हालांकि कई बार स्वास्थ्य केंद्रों से मांग आई भी, लेकिन हेल्थ एटीएम देने वाली कंपनियों ने किट उपलब्ध कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसलिए अब मुख्यालय की ओर से खुद इनकी खरीदने करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए हेल्थ एटीएम का पूरा विवरण मांगा गया है।
समय की होती काफी बचत
किसी भी सीएचसी की पैथालॉजी में शुगर, हिमोग्लोबिन समेत छोटी से छोटी जांच भी करना हो तो कम से कम दो से तीन घंटे लग जाते हैं। जबकि हेल्थ एटीएम से महज 10 मिनट के अंदर ही 30 तरह की जांचें हो सकती हैं। इसके लिए किसी लैब टेक्नीशियन या स्वास्थ्य कर्मी की जरूरत नहीं होती। मोबाइल को मशीन से कनेक्ट करके यह जांचें की जाती हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में लगे हेल्थ एटीएम की किट न होने की जानकारी है। संबंधित कंपनियों से कहा गया था, लेकिन आपूर्ति नहीं हुई। अब मुख्यालय से सभी मशीनों की कंपनियों के नाम सहित पूरा विवरण मांगा गया है। उम्मीद है कि 10-15 दिन में किट की आपूर्ति हो जाएगी।- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ
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दो अलग-अलग कंपनियों ने एक साल के अंदर ही जिले को 13 हेल्थ एटीएम दिए थे। इनमें से 10 मशीनें जीवीके कंपनी से तो तीन हेल्थ एटीएम यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लखनऊ की ओर से दी गई हैं। सभी आठ सीएचसी के अलावा कुछ पीएचसी में भी मशीनें दी गई हैं।
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इन मशीनों में बिना किसी ऑपरेटर के मरीज खुद वजन, लंबाई, आंखों की रोशनी, फैट, बॉडी वाटर, प्रोटीन, बेसल मेटाबोलिक रेट, मेटाबोलिक ग्रेट, ऑक्सीजन प्रोड्यूज, ब्लड प्रेशर और पल्स समेत 30 तरह की जांचें कर सकता है। शुगर, हिमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल सहित कई जांचें ब्लड की भी होती हैं। ब्लड टेस्ट के लिए किट की जरूरत पड़ती है, जिसका इस वक्त स्वास्थ्य केंद्रों में संकट है। सीएचसी आलमचंद्र में पिछले दो महीने से किट नहीं है। कुछ यही हाल सीएचसी कौशाम्बी व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का है। किट न होने के कारण हेल्थ एटीएम से ब्लड से जुड़ी जांचें नहीं हो पा रहीं हैं।
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जिस कंपनी की मशीन, उसी की लगती है किट
स्वास्थ्य विभाग चाहकर भी स्थानीय स्तर पर हेल्थ एटीएम में लगने वाली किट नहीं खरीद सकता। मशीन जिस कंपनी की होगी, उसी कंपनी की किट उसमें लगेगी। हालांकि कई बार स्वास्थ्य केंद्रों से मांग आई भी, लेकिन हेल्थ एटीएम देने वाली कंपनियों ने किट उपलब्ध कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसलिए अब मुख्यालय की ओर से खुद इनकी खरीदने करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए हेल्थ एटीएम का पूरा विवरण मांगा गया है।
समय की होती काफी बचत
किसी भी सीएचसी की पैथालॉजी में शुगर, हिमोग्लोबिन समेत छोटी से छोटी जांच भी करना हो तो कम से कम दो से तीन घंटे लग जाते हैं। जबकि हेल्थ एटीएम से महज 10 मिनट के अंदर ही 30 तरह की जांचें हो सकती हैं। इसके लिए किसी लैब टेक्नीशियन या स्वास्थ्य कर्मी की जरूरत नहीं होती। मोबाइल को मशीन से कनेक्ट करके यह जांचें की जाती हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में लगे हेल्थ एटीएम की किट न होने की जानकारी है। संबंधित कंपनियों से कहा गया था, लेकिन आपूर्ति नहीं हुई। अब मुख्यालय से सभी मशीनों की कंपनियों के नाम सहित पूरा विवरण मांगा गया है। उम्मीद है कि 10-15 दिन में किट की आपूर्ति हो जाएगी।- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ