फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Guava and milk will give the district a new identity, a new market will be available from the Common Incubation Centre.

Kaushambi News: अमरूद और दूध से मिलेगी जिले को नई पहचान, कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर से मिलेगा नया बाजार

Wed, 04 Feb 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Wed, 04 Feb 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
Guava and milk will give the district a new identity, a new market will be available from the Common Incubation Centre.
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जिले में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर अब जिले के किसानों को अमरूद, दूध और महिला शक्ति के माध्यम से नई पहचान मिलेगी। यह केंद्र स्थानीय किसानों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार व आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनेगा। यहां उत्पादों का केवल निर्माण ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की पूरी व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन


रविवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय परिसर में 339.10 लाख रुपये की लागत से निर्मित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। कहा कि इससे जिले की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर की प्रोजेक्ट मैनेजर स्वर्णिमा ने बताया कि केंद्र पर खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए यहां तीन अलग-अलग प्रसंस्करण लाइनें स्थापित की गई हैं।
विज्ञापन


पहली, दुग्ध प्रसंस्करण लाइन की क्षमता एक से दो मीट्रिक टन प्रतिदिन है। इस यूनिट में जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों से दूध लेकर पनीर, दही, खोवा, बर्फी और रबड़ी जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे दूध उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी, लाइन बेकरी एवं कन्फेक्शनरी की है, जिसकी क्षमता 250 किलो प्रति घंटा उत्पादन की है। इसमें बिस्किट, ब्रेड, पास्ता और मैकरॉनी जैसे उत्पाद बनाए जाएंगे। इस लाइन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेकरी उत्पादों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

तीसरी, जूस एवं अमरूद प्रसंस्करण लाइन की क्षमता 100 किलो प्रति घंटा है। इस यूनिट में अमरूद सहित किसी भी फल से आधुनिक प्रोसेसिंग मशीन के माध्यम से जूस तैयार किया जाएगा। जिले में प्रचुर मात्रा में होने वाले अमरूद को इससे नई पहचान मिलेगी।

लखनऊ स्थित लैब में जांच के बाद बाजारों में उत्पाद की होगी बिक्री

प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि यहां तैयार किए गए सभी उत्पाद स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही बाजार में बिक्री के लिए ले जाएंगी। ये उत्पाद केवल जिले तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि आसपास के जिलों और प्रदेशभर में बेचे जाएंगे। इससे जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लोगों को बेहतर रोजगार मिलेगा। बताया कि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लखनऊ लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। लैब से अप्रूवल मिलने के बाद ही उत्पादों की पैकेजिंग कर बाजार में बिक्री की जाएगी।


एक बार में 100 से 150 महिलाएं कर सकेंगी काम, बढ़ेगा रोजगार
प्रोजेक्ट मैनेजर स्वर्णिमा बताती हैं कि केंद्र में केवल समूह की महिलाओं को ही कार्य के लिए रखा जाएगा। सेंटर पूरी तरह चालू होने पर एक साथ 100 से 150 महिलाएं यहां कार्य कर सकेंगी। साथ ही उन्हें खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण एवं विभागीय प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में स्वयं का उत्पादन कर स्वतंत्र रूप से कारोबार कर सकेंगी। कुल मिलाकर कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर जिले के अमरूद और दूध को ब्रांड बनाने के साथ-साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed