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गांव से लेकर शहर तक जले रावण के पुतले
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 24 Oct 2015 01:05 AM IST
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। असत्य पर सत्य की जीत का त्यौहार विजयदशमी (दशहरा) बृहस्पतिवार को जिले भर में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान गांव-गांव मेले भी लगे। वहीं जयकारों के बीच मंझनपुर समेत जिले के विभिन्न कस्बों में स्थित रामलीला मैदान में दशानन का पुतला भी जलाया गया। इससे पहले रामलीला कमेटियों की ओर से राम, लक्ष्मण की चौकियां निकाली गईं।
विजयदशमी का त्यौहार भगवान राम द्वारा रावण वध की याद में मनाया जाता है। दशहरा पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। गांव-गांव नवरात्र प्रतिपदा से राम की लीलाओं का मंचन शुरू हो जाता है। दशहरे पर रामलीला कमेटियों की ओर से भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और रावण आदि की सवारियां (झांकी) निकाली जाती हैं। इस दिन दशहरा बृहस्पतिवार को रहा। मंझनपुर कस्बे में शाम 4 बजे शोभायात्रा निकाली गई। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में घूमती हुई भगवान श्रीराम, लक्ष्मण की सवारी देरशाम रामलीला मैदान पहुंची। जहां हजारों की भीड़ और जयकारों के बीच भगवान राम ने अग्निबाण चलाकर रावण का अंत किया। राम का बाण लगते ही धू-धूकर रावण जल गया। दशानन का पुतला जलाने की इस परंपरा का निर्वहन सिराथू, करारी, पश्चिमशरीरा, बिजिया, चपंहा, कड़ा, अजुहा, देवीगंज, मूरतगंज, चरवा, चायल, पुरामुफ्ती, मनौरी, तिल्हापुर आदि बाजारों और विभिन्न गांवों में भी हुआ। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे रहे। उधर, गांव-गांव दशहरे का मेला भी आयोजित किया गया। जिन्हें देखने के लिए शाम से लेकर देर रात तक लोग जुटे रहे।
नेवादा (ब्यूरो)। मंझनपुर के साथ ही बृहस्पतिवार को सरायअकिल बाजार में विजयदशमी मेले पर पूरे कस्बे को रंगीन बिजली की झालरों से सजाया गया था। सरायअकिल कस्बे में तो दशहरा मेले में रामलीला कमेटी की ओर राधा-कृष्ण की रासलीला, शिव तांडव, भगवान शिव द्वारा तारकासुर वध, हनुमान दहन आदि विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को प्रदर्शित करती झांकियां निकाली गई। पुराणों में वर्णित इन धार्मिक प्रसंगों की झांकियां देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो उठे। रंगबिरंगी बिजली की झालरों की मनमोहक छटा ने भी लोगों को आकर्षित किया।
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विजयदशमी का त्यौहार भगवान राम द्वारा रावण वध की याद में मनाया जाता है। दशहरा पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। गांव-गांव नवरात्र प्रतिपदा से राम की लीलाओं का मंचन शुरू हो जाता है। दशहरे पर रामलीला कमेटियों की ओर से भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और रावण आदि की सवारियां (झांकी) निकाली जाती हैं। इस दिन दशहरा बृहस्पतिवार को रहा। मंझनपुर कस्बे में शाम 4 बजे शोभायात्रा निकाली गई। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में घूमती हुई भगवान श्रीराम, लक्ष्मण की सवारी देरशाम रामलीला मैदान पहुंची। जहां हजारों की भीड़ और जयकारों के बीच भगवान राम ने अग्निबाण चलाकर रावण का अंत किया। राम का बाण लगते ही धू-धूकर रावण जल गया। दशानन का पुतला जलाने की इस परंपरा का निर्वहन सिराथू, करारी, पश्चिमशरीरा, बिजिया, चपंहा, कड़ा, अजुहा, देवीगंज, मूरतगंज, चरवा, चायल, पुरामुफ्ती, मनौरी, तिल्हापुर आदि बाजारों और विभिन्न गांवों में भी हुआ। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे रहे। उधर, गांव-गांव दशहरे का मेला भी आयोजित किया गया। जिन्हें देखने के लिए शाम से लेकर देर रात तक लोग जुटे रहे।
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नेवादा (ब्यूरो)। मंझनपुर के साथ ही बृहस्पतिवार को सरायअकिल बाजार में विजयदशमी मेले पर पूरे कस्बे को रंगीन बिजली की झालरों से सजाया गया था। सरायअकिल कस्बे में तो दशहरा मेले में रामलीला कमेटी की ओर राधा-कृष्ण की रासलीला, शिव तांडव, भगवान शिव द्वारा तारकासुर वध, हनुमान दहन आदि विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को प्रदर्शित करती झांकियां निकाली गई। पुराणों में वर्णित इन धार्मिक प्रसंगों की झांकियां देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो उठे। रंगबिरंगी बिजली की झालरों की मनमोहक छटा ने भी लोगों को आकर्षित किया।
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