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एयरपोर्ट से बौद्ध स्थल तक बनने वाले फोर लेन लिए शुरू हुई नाप

Fri, 04 Mar 2022 12:50 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 12:50 AM IST
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Four lane to Buddhist site
बारा। प्रयागराज एयरपोर्ट से लेकर बौद्ध स्थल कौशाम्बी तक प्रस्तावित फोर लेन के निर्माण के लिए बृहस्पतिवार से तीसरी बार भूमि का चिन्हांकन शुरू कर दिया गया है। सड़क के दोनों तरफ जमीन को चिन्हित करने के लिए पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मंझनपुर तहसील के आमाकुआं गांव से जमीन की नापजोख शुरू किया है। आमाकुआं और बिजिया चौराहा में पहले दिन शुरू हुई नापजोख को लेकर दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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प्रदेश सरकार ने झलवा एयरपोर्ट से लेकर कौशाम्बी स्थित बौद्ध स्थल तक की सड़क को फोर लेन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। करोड़ों रुपये के बजट से तैयार हो रहे इस फोर लेन के लिए बृहस्पतिवार से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पहले दिन राजस्व और पीडब्ल्युडी की संयुक्त टीम ने आमांकुआं व बिजिया चौराहा में सड़क के दोनों तरफ नाप शुरू किया तो गांव और बाजार में हड़कंप मच गया। टीम में शामिल रहे पीडब्ल्यूडी विभाग के अमीन बदरुद्दीन खान ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ 55 फीट जमीन को चिन्हित किया जा रहा है। इसमें 30 फीट जमीन पीडब्ल्युडी विभाग की है। जबकि, शेष 25 फीट जमीन को अधिगृहीत किया जा रहा है। इसके एवज में दुकान, मकान अथवा काश्तकार को सरकार की तरफ से मुआवजा दिलाया जाएगा।
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मुआवजे के लिए दिखानी होगी खतौनी और घरौनी
बारा। फोर लेन निर्माण में अधिगृहीत की जाने वाली किसानों की जमीन, मकान और दुकान के लिए उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। राजस्व विभाग के लेखपाल कमलेश कुमार ने बताया कि उन्हीं काश्तकारों को मुआवजा मिलेगा, जिनके पास उनके घर, खेत और दुकान के पक्के दस्तावेज हैं। खतौनी नहीं होने की दशा में मकान की घरौनी प्रस्तुत करने पर ही अधिग्रहण का मुआवजा दिलाया जाएगा।
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आमांकुआं से लेकर सराय अकिल तक में अभी तक नहीं बन पाई घरौनी
बारा। फोर लेन निर्माण के लिए शुरू हुई नापजोख को लेकर लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। आमांकुआं से लेकर चौपुरवा तक में 60 फीसदी लोगों के मकान के पक्के दस्तावेज नहीं है। ऐसी स्थिति में मुआवजे के लिए घरौनी ही एक मात्र दस्तावेज है। लेकिन गांव के लोगों को अभी तक घरौनी नहीं उपलब्ध कराई गई है। इसे लेकर गांव के लोगों में उहापोह की स्थिति में हैं। स्थानीय लेखपाल और राजस्व कर्मचारी गांव के लोगों को जल्द ही घरौनी उपलब्ध कराने का आश्वसन दे रहें हैं।
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