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रक्षाबंधन के त्योहार पर मिलावट का धंधा
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:28 PM IST
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खोवे की मिठाई तबियत खराब कर सकती है। रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक आते ही मिलावट का धंधा चटख गया है। दुकानदार कोल्ड स्टोरेज में डंप खोवे से मिठाइयां तैयार कर रहे हैं। इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को है, मगर अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में दुकानदार मनमानी अपनाए हुए हैं।
रक्षा बंधन पर्व नजदीक आते ही दुकानों में मिठाई बनना शुरू है। दीपावली के त्योहार की तरह इस पर्व पर भी सबसे अधिक मिठाई बिकती है। हर घर में त्योहार पर लोग मिठाई खरीदकर ले जाते हैं। बहने अपने भइयों के कलाई पर राखी बांधने के दौरान अपने हाथ से मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु होने की कामना करती हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर्व पर मिठाई की मांग बहुत ज्यादा रहती है। जिसके चलते मांग पूरी करने के लिए दुकानदार दूषित व मिलावटी खोवे से मिठाई तैयार करा रहे हैं। हाल ये है कि बाजारों में मिलावटखोरों के आगे प्रशासन बौना साबित हो रहा है।
चायल का कारोबारी कर रहा सप्लाई
चायल क्षेत्र का एक कारोबारी एक दशक से सिराथू क्षेत्र में दूषित खोवे की सप्लाई कर रहा है। स्थानीय दुकानदार सस्ता दाम होने से कोल्ड स्टोर वाला खोवा खरीदकर उससे मिठाई बनाकर बेचते हैं। रक्षा बंधन के त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र में कई क्विंटल दूषित खोवे की खपत सैनी, सिराथू, गुलामीपुर, अजुहा, दारानगर, देवीगंज, कड़ा, शमसाबाद, उदहिन, अलीपुरजीता, कल्यानपुर, शाहजादपुर आदि बाजारों में की गई है। स्थानीय लोगोें की शिकायत है कि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच के लिए मिठाई कारोबारियों के यहां जाते ही नहीं हैं।
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सरसों के तेल के नाम पर बिक रहा है जहर
खाद्य सामग्री के नाम पर क्षेत्र के बाजारों में नकली सरसों का तेल भरा पड़ा है। शिकायत है कि तकरीबन हर दुकान पर नकली सरसोें का तेल बिकता है। यह तेल कुछ दिन रखा रहने के बाद घी की तरह जमने के साथ बदरंग हो सफेद हो जाता है।
क्षेत्र में सक्रिय मिलावाट खोर ग्रामीणोें की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। चंद पैसे अधिक आमदनी की लालच में किराना कारोबारी भी उनके साथ खडे़ दिखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरसों के तेल के नाम पर जहर बेंचा जा रहा है। ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली सरसों का तेल खाकर लोग बीमारी को गले लगा रहे हैं। लोगोें की शिकायत है कि शासन की सख्ती के बावजूद प्रशासन क्षेत्र में सरसों के नकली तेल के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत मोल नहीं लेना चाहता है।
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रक्षा बंधन पर्व नजदीक आते ही दुकानों में मिठाई बनना शुरू है। दीपावली के त्योहार की तरह इस पर्व पर भी सबसे अधिक मिठाई बिकती है। हर घर में त्योहार पर लोग मिठाई खरीदकर ले जाते हैं। बहने अपने भइयों के कलाई पर राखी बांधने के दौरान अपने हाथ से मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु होने की कामना करती हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर्व पर मिठाई की मांग बहुत ज्यादा रहती है। जिसके चलते मांग पूरी करने के लिए दुकानदार दूषित व मिलावटी खोवे से मिठाई तैयार करा रहे हैं। हाल ये है कि बाजारों में मिलावटखोरों के आगे प्रशासन बौना साबित हो रहा है।
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चायल का कारोबारी कर रहा सप्लाई
चायल क्षेत्र का एक कारोबारी एक दशक से सिराथू क्षेत्र में दूषित खोवे की सप्लाई कर रहा है। स्थानीय दुकानदार सस्ता दाम होने से कोल्ड स्टोर वाला खोवा खरीदकर उससे मिठाई बनाकर बेचते हैं। रक्षा बंधन के त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र में कई क्विंटल दूषित खोवे की खपत सैनी, सिराथू, गुलामीपुर, अजुहा, दारानगर, देवीगंज, कड़ा, शमसाबाद, उदहिन, अलीपुरजीता, कल्यानपुर, शाहजादपुर आदि बाजारों में की गई है। स्थानीय लोगोें की शिकायत है कि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच के लिए मिठाई कारोबारियों के यहां जाते ही नहीं हैं।
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सरसों के तेल के नाम पर बिक रहा है जहर
खाद्य सामग्री के नाम पर क्षेत्र के बाजारों में नकली सरसों का तेल भरा पड़ा है। शिकायत है कि तकरीबन हर दुकान पर नकली सरसोें का तेल बिकता है। यह तेल कुछ दिन रखा रहने के बाद घी की तरह जमने के साथ बदरंग हो सफेद हो जाता है।
क्षेत्र में सक्रिय मिलावाट खोर ग्रामीणोें की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। चंद पैसे अधिक आमदनी की लालच में किराना कारोबारी भी उनके साथ खडे़ दिखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरसों के तेल के नाम पर जहर बेंचा जा रहा है। ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली सरसों का तेल खाकर लोग बीमारी को गले लगा रहे हैं। लोगोें की शिकायत है कि शासन की सख्ती के बावजूद प्रशासन क्षेत्र में सरसों के नकली तेल के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत मोल नहीं लेना चाहता है।