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सहकारी समितियों में खाद का संकट, किसानों का प्रदर्शन

Fri, 12 Nov 2021 12:55 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:55 AM IST
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Fertilizer crisis in cooperatives, farmers' performance
Fertilizer crisis in cooperatives, farmers' performance - फोटो : KAUSHAMBI
आलू, चना-मटर और गेहूं की बुआई शुरू होने के साथ ही किसानों के सामने डीएपी खाद का संकट खड़ा हो गया है। समितियों और दुकानों पर डीएपी खाद किसानों को बमुकिश्ल मिल रही है। सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो जाते हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पाती है। खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने कौशाम्बी ब्लॉक के मकदूमपुर ढोकसहा सहकारी समिति पर प्रदर्शन किया।
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जिले में इस समय रबी फसलों की बुआई जोरों पर चल रही है, लेकिन डीएपी नहीं मिल पाने से बुआई का काम प्रभावित हो गया है। चुनिंदा समितियों को छोड़ दिया जाए तो कई जगह डीएपी नहीं है। ऐसे में बिना डीएपी के किसान गेहूं, सरसों, आलू और मटर के फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे है। वहीं जिन किसानों को खाद मिल भी जा रही है, तो वह नाकाफी है। सुबह से शाम तक लाइन लगाने के बाद भी बमुश्किल एक-दो बोरी खाद मिलने से किसान परेशान हैं। कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र के मुस्तफाबाद समिति में एक महीने से डीएपी खत्म है।
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इसी तरह मकदूमपुर ढ़ोकसहा में भी महीने भर से डीएपी नहीं थी। हालांकि बृहस्पतिवार की सुबह 263 बोरी डीएपी की खेप पहुंची है, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। जबकि समिति में यूरिया का स्टॉक भी खत्म है। इससे नाराज हजियापुर के बैजनाथ, कल्लू मौर्य, अशोक गौतम, पप्पू तिवारी आदि किसानों ने बृहस्पतिवार को मकदूमपुर ढोकसहा समिति पर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सोसायटी में खाद नहीं मिलने से वह गेहूं, आलू, सरसों, चना और मटर की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। मुस्तफाबाद समिति के सचिव ईश्वरचंद्र साहू का कहना है कि कंपनी को सब्सिडी का पैसा नहीं मिल पा रहा है। इसलिए कंपनी खाद नहीं भेज रही है। बृहस्पतिवार को सुबह 25 टन यूरिया आई है। शुक्रवार से किसानों में यूरिया का वितरण किया जाएगा। डीएपी कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं है।
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ओवररेट में दी जा रही खाद
कस्बे में दो सहकारी समितियां संचालित हैं। इन दोनों समितियों में अलग-अलग खाद विक्रय करने के नियम बने हुए हैं। मेहता रोड स्थित किसान सहकारी सेवा समिति में 37 गांव के किसान खाद क्रय करते है। वहीं नया बाजार भरवारी के क्रय विक्रय सहकारी समिति में डीएपी 1200 के बजाय किसानों से 1210 रुपये वसूले जा रहे हैं। सिंघिया निवासी किसान रामबाबू ने बताया कि प्रति बोरी 10 रुपये अधिक लिए जा रहे हैं। बिदनपुर से आए किसान हरिओम पांडेय ने बताया कि दिनभर समिति में लाइन में लगे रहने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल सकी। मसीपुर निवासी किसान अजय ने बताया कि समिति में सचिव उपस्थित नहीं हैं। उनके स्थान पर अन्य व्यक्ति खाद का वितरण कर रहा है। सचिव उमा शंकर यादव ने किसानों से अधिक मूल्य वसूलने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पांच दिनों से नहीं है खाद
इलाके के कूरा स्थित पीसीएफ केंद्र में पिछले पांच दिनों से खाद नहीं है। ऐसे में इलाके के किसानों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह होते ही किसान केंद्र तो पहुंच जाते हैं, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि खाद नहीं है तो मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। सचिव अशोक कुमार का कहना है कि खाद के लिए हर रोज उच्चाधिकारियों से बात की जाती है।

डीएपी की कमी है, लेकिन डीएपी के स्थान पर बृहस्पतिवार दोपहर बाद 18000 बोरी एनपीएस खाद आई है। किसानों को तेज गति से एनपीएस खाद का वितरण कराया जाएगा। इससे काफी हद तक खाद की समस्या दूर कर ली जाएगी। भरवारी में ओवररेटिंग की जा रही है तो जांच कराकर संबंधित सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विनोद कुमार सिंह, एआर-कोऑपरेटिव

Fertilizer crisis in cooperatives, farmers' performance

Fertilizer crisis in cooperatives, farmers' performance- फोटो : KAUSHAMBI

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