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इंजीनियरिंग के छात्रों को सशर्त मिलेगा हास्टल

Tue, 16 Dec 2014 12:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी Updated Tue, 16 Dec 2014 12:32 AM IST
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Engineering students will receive conditional hostel
मंझनपुर। पालिटेक्निक कालेज के छात्र-छात्राएं हास्टल के लिए भटक रहे हैं। कालेज के समीप डेलीगेसी भी व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महामाया महाविद्यालय का हास्टल कई वर्षों से खाली पड़ा है। प्राचार्य ने समाज कल्याण अधिकारी से हास्टल की मांग की है। डीएसडब्ल्यूओ ने बिजली के बिल और वार्डेन की तैनाती करने पर हास्टल देने की शर्त रखी है। बच्चे कालेज के बरामदे में रहने को मजबूर हो रहे हैं। प्राचार्य ने मामले से डीएम को अवगत कराया है।
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मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के टेंवा गांव में ज्योतिबा फूले महामाया पॉलिटेक्निक कालेज बनवाया गया है। पिछले महीने भवन विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है। 146 बच्चों की क्लासें भी संचालित की जा रही हैं। प्राचार्य ने बताया कि कालेज परिसर में छात्रावास अभी तक बनकर तैयार नहीं हो सका है। इससे छात्रों को रहने के लिए दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। कालेज के समीप डेलीगेसी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। प्राचार्य ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वशिष्ठ बालिका के सामने स्थित महामाया बालिका छात्रावास की मांग जिलाधिकारी से की थी।
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 डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को हास्टल मुहैया कराने को कहा था। डीएसडब्लूओ ने बिजली के बिल और वार्डेन की तैनाती करने की शर्त पर हास्टल देने की बात की है। उधर प्राचार्य बिल भरने और कर्मचारियों की तैनाती करने में असमर्थता जता रहे हैं। इससे छात्रों को हास्टल नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि 91 लाख रुपये की लागत से मंझनपुर में महामाया बालिका छात्रावास का निर्माण कराया गया था। इसमें 100 के रहने की व्यवस्था है। कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम ने 2011 में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी एसके राय को छात्रावास का भवन हैंडओवर किया था। मामले में समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार गुप्ता का कहना है कि हास्टल छात्रों को देने में कोई दिक्कत नहीं है। सारी व्यवस्था दी जा रही है। इंजीनियरिंग कालेज के प्राचार्य को बिजली के बिल भरने और वार्डेन की तैनाती करने को कहा गया है। प्राचार्य का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर समाज कल्याण विभाग से हास्टल की मांग की गई है। कालेज परिसर में निर्माणाधीन छात्रावास को तैयार कराने का तेजी से प्रयास किया जा रहा है।
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