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Kaushambi News: तीन मौत के बाद जागा बिजली विभाग, नया खंभा लगवाकर ऊंचे कराए तार

Tue, 05 Mar 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 05 Mar 2024 02:37 AM IST
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Electricity department woke up after three deaths, installed a new pole and raised the wires
शायद बिजली विभाग उसरापर में लटक रहे हाईटेंशन तार से बेगुनाह लोगों की मौत का इंतजार कर रहा था। तभी तो, जिस समस्या की लोग काफी दिनों से शिकायत कर रहे थे, वह तीन लोगों की मौत के बाद महज कुछ घंटे में दुरुस्त हो गई। बिजली विभाग ने नया पोल गड़वाकर लाइन ऊंची करा दी।
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उसरापर में शनिवार को दुल्हनियापुर से बारात आई थी। बारिश के कारण डीजे के साउंड बाक्स को भीगने से बचाने के लिए काजू गांव का सतीश छाता लेकर वाहन के ऊपर चढ़ा था। इस दौरान छाता ऊपर से गुजरे हाईटेंशन विद्युत तार से छू गया। करंट की चपेट में आने से सतीश व बरात में शामिल दुल्हे पिंटू प्रजापति के पड़ोसी सगे भाई रवि व राजेश की मौत हो गई थी।
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पता चला कि सौ मीटर से अधिक दूरी पर पोल गड़े होने के कारण तार ढीले होकर लटक रहे थे। घटना के लिए बिजली विभाग को दोषी माना जा रहा है। मामले में मृतक सगे भाइयों के पिता की तहरीर पर बिजली विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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घटना के बाद संजीदा हुए बिजली विभाग ने रविवार को ही दोनों बिजली के खंभों के बीच नया खंभा लगवा दिया है। अब ग्रामीणों ने राहत महसूस की। वार्ड के सभासद वीरेंद्र कुमार गौतम का कहना है कि लोगों की समस्या के बारे में पांच महीने में तीन बार शिकायत की गई थी। तीन लोगों की मौत के बाद अब बिजली का खंभा लगाया गया है। यही काम पहले हो जाता तो शायद तीन लोगों की जान नहीं जाती।


मुआवजे के लिए भेजी गई रिपोर्ट
मृतकों के घरवालों को मुआवजा दिलाने के लिए राला विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता ने फार्म-44 ऑनलाइन कर दिया है। एसडीओ देवेंद्र प्रताप ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के बाद 15 दिन के अंदर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम आकर जांच कर सकती है। प्रत्येक पीड़ित परिवार को फिलहाल पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।


लाइनमैन की भूमिक संदेह के घेरे में
राला उपकेंद्र में नियुक्त एक संविदा लाइनमैन की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाइनमैन खुद को बतौर जेई समझता ही नहीं, बताता भी है। उसी के इशारे पर शट डाउन देकर फ्यूज जोड़ा जाता है। इसके लिए उस पर धन उगाही के आरोप भी लग चुके हैं। इसकी जानकारी बिजली विभाग के अफसरों को भी थी। आरोप है कि जिस ढीले तार को सही कराने के लिए कहा गया था, उसमें भी

पिछले साल आठ को मिला था मुआवजा
अधिशाषी अभियंता विद्युत अंकित कुमार ने बताया कि पिछले साल 10 मृतक के आश्रितों ने मुआवजे के लिए दावा किया था। जिसमें दो लोग घरेलू उपकरणों से करंट की चपेट में आए थे। दोनों मुआवजे का प्रावधान नहीं है। आठ लोगों के घरवालों को मुआवजे की राशि दे दी गई है।


विद्युत हादसे में होने वाली मौत पर ऐसे मिलता है मुआवजा
--अगर बिजली हादसे में किसी की मौत होती है तो संबंधित पॉवर हाउस के जेई को फार्म 44 भरकर ऑनलाइन करना होता है। इसके बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम मामले की जांच करती है। जांच में बिजली विभाग की लापरवाही उजागर होने पर मुआवजा दिया जाता है। अगर पीड़ित चाहे तो वह खुद भी ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
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