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Kaushambi News: भीषण गर्मी में नाक-कान सूखने से बढ़ी परेशानी, बच्चे सबसे ज्यादा पीड़ित
Tue, 26 May 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 26 May 2026 12:38 AM IST
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ओपीडी में बच्चे के कान की समस्या को देखते डॉक्टर। स्रोत: डॉक्टर
भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू के कारण लोगों के नाक और कान सूखने लगे हैं। इसमें सबसे ज्यादा पीड़ितों की संख्या बच्चों की है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी के ईएनटी विभाग में नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याओं के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
ईएनटी विभाग के डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सोमवार को उनकी ओपीडी में कुल 142 मरीज पहुंचे। इनमें 30 से 40 मरीज गर्मी की वजह से नाक और कान सूखने की शिकायत लेकर आए थे। सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही।
वहीं 20 से 25 मरीज गले में खराश और सूखेपन की समस्या से परेशान मिले। डॉक्टर का कहना है कि लगातार गर्म हवा और डिहाइड्रेशन के कारण शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर असर पड़ रहा है।
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बचाव के लिए डॉक्टर की तरफ से एडवाइजरी
डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पीने की सलाह दी है। कमरे में नमी बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर ह्यूमिडिफायर या सलाइन नेजल ड्रॉप्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करें।
धूल, धुआं और तेज गर्म हवा से बचें और बाहर निकलते समय सूती कपड़ा या मास्क लगाएं। कान में बार-बार ईयरबड, तेल या नुकीली चीजें न डालें। अधिक देर तक तेज धूप में रहने से बचें।
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ईएनटी विभाग के डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सोमवार को उनकी ओपीडी में कुल 142 मरीज पहुंचे। इनमें 30 से 40 मरीज गर्मी की वजह से नाक और कान सूखने की शिकायत लेकर आए थे। सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही।
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वहीं 20 से 25 मरीज गले में खराश और सूखेपन की समस्या से परेशान मिले। डॉक्टर का कहना है कि लगातार गर्म हवा और डिहाइड्रेशन के कारण शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर असर पड़ रहा है।
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बचाव के लिए डॉक्टर की तरफ से एडवाइजरी
डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पीने की सलाह दी है। कमरे में नमी बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर ह्यूमिडिफायर या सलाइन नेजल ड्रॉप्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करें।
धूल, धुआं और तेज गर्म हवा से बचें और बाहर निकलते समय सूती कपड़ा या मास्क लगाएं। कान में बार-बार ईयरबड, तेल या नुकीली चीजें न डालें। अधिक देर तक तेज धूप में रहने से बचें।

ओपीडी में बच्चे के कान की समस्या को देखते डॉक्टर। स्रोत: डॉक्टर