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Kaushambi News: झोलाछाप व अवैध अस्पतालों को लेकर डीएम सख्त, छापा मारा
Fri, 06 Sep 2024 04:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 06 Sep 2024 04:25 AM IST
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ओसा रोड स्थित पुर्णिमा हॉस्पिटल में जांच करते तहसीदार सदर अनंतराम। स्रोत: विभाग
जिले में चल रहे झोलाछाप की क्लीनिकों और अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसने की तैयारी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग तो सिर्फ दावे करता रहा, लेकिन डीएम ने इसे संज्ञान ले लिया है। करीब 60 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इनकी जांच के लिए अलग-अलग दो टीमें बनाई गईं हैं। टीमों ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक बड़े पैमाने पर झोलाछाप बेखौफ होकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग इन पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। अमर उजाला लगातार यह मुद्दे उठाता आ रहा है। दो सिंतबर को ‘हर ओर झोलाछाप व अवैध अस्पतालों की भरमार, अफसर नहीं दे रहे ध्यान’ शीर्षक की खबर प्रकाशित की गई थी।
इससे पहले 27 अगस्त को ‘जिले में चल रहे 118 अवैध नर्सिंग होम व क्लीनिक, स्वास्थ्य महकमा बेखबर’ शीर्षक की खबर छापी थी। इसी तरह अन्य कई खबरों के माध्यम से विभागीय अफसरों को जगाने का प्रयास किया गया, लेकिन जिम्मेदार नहीं जागे। अब जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने खुद इसे संज्ञान ले लिया है।
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डीएम के निर्देश पर ही विनियमित क्षेत्र में संचालित 51 क्लीनिकों व निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इनकी जांच के लिए तहसीलदार और नायब तहसील की अगुवाई में अलग-अलग चार टीमें बनाई गईं हैं। इन टीमों में एक चिकित्साधिकारी व एक-एक इंजीनियर को भी शामिल किया गया है।
यह टीमें केवल अस्पताल का पंजीकरण ही नहीं, बल्कि विनियमित क्षेत्र से नक्शा पास है या नहीं, फायर ब्रिगेड की एनओसी है या नहीं, इसकी भी जांच करेंगी। डीएम ने कहा कि जांच के दौरान जिस अस्पताल या क्लीनिक में कमी मिलेगी, उस पर कार्रवाई होगी।
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तहसीलदार ने जांचें अस्पताल, तलब किए दस्तावेज
डीएम के निर्देश पर ही सदर तहसीलदार अनंतराम अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को मंझनपुर के निजी अस्पतालों में छापा मारा। ओसा रोड स्थित लवकुश हॉस्पिटल, सिग्मा डाग्नोस्टिक सेंटर, सुमित्रा हॉस्पिटल, राफिया हॉस्पिटल, वात्सल्य नर्सिंग होम, पूर्णिमा हॉस्पिटल, एंजल क्लीनिक, धेय क्लीनिक, आकांक्षा नर्सिंग होम, फिनिक्स मेडिकेयर समेत अन्य निजी अस्पतालों की जांच की।
इस दौरान कई लोग दस्तावेज नहीं दिखा सके। सभी अस्पताल व क्लीनिक संचालकों से उनके पंजीकरण, विनियिमत क्षेत्र से पास नक्शा और फायर ब्रिगेड की एनओसी समेत अन्य दस्तावेज तलब किए गए। तहसीलदार ने बताया कि दस्तावेज मिलने के बाद उनके आधार पर फिर जांच होगी।
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जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक बड़े पैमाने पर झोलाछाप बेखौफ होकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग इन पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। अमर उजाला लगातार यह मुद्दे उठाता आ रहा है। दो सिंतबर को ‘हर ओर झोलाछाप व अवैध अस्पतालों की भरमार, अफसर नहीं दे रहे ध्यान’ शीर्षक की खबर प्रकाशित की गई थी।
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इससे पहले 27 अगस्त को ‘जिले में चल रहे 118 अवैध नर्सिंग होम व क्लीनिक, स्वास्थ्य महकमा बेखबर’ शीर्षक की खबर छापी थी। इसी तरह अन्य कई खबरों के माध्यम से विभागीय अफसरों को जगाने का प्रयास किया गया, लेकिन जिम्मेदार नहीं जागे। अब जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने खुद इसे संज्ञान ले लिया है।
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डीएम के निर्देश पर ही विनियमित क्षेत्र में संचालित 51 क्लीनिकों व निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इनकी जांच के लिए तहसीलदार और नायब तहसील की अगुवाई में अलग-अलग चार टीमें बनाई गईं हैं। इन टीमों में एक चिकित्साधिकारी व एक-एक इंजीनियर को भी शामिल किया गया है।
यह टीमें केवल अस्पताल का पंजीकरण ही नहीं, बल्कि विनियमित क्षेत्र से नक्शा पास है या नहीं, फायर ब्रिगेड की एनओसी है या नहीं, इसकी भी जांच करेंगी। डीएम ने कहा कि जांच के दौरान जिस अस्पताल या क्लीनिक में कमी मिलेगी, उस पर कार्रवाई होगी।
तहसीलदार ने जांचें अस्पताल, तलब किए दस्तावेज
डीएम के निर्देश पर ही सदर तहसीलदार अनंतराम अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को मंझनपुर के निजी अस्पतालों में छापा मारा। ओसा रोड स्थित लवकुश हॉस्पिटल, सिग्मा डाग्नोस्टिक सेंटर, सुमित्रा हॉस्पिटल, राफिया हॉस्पिटल, वात्सल्य नर्सिंग होम, पूर्णिमा हॉस्पिटल, एंजल क्लीनिक, धेय क्लीनिक, आकांक्षा नर्सिंग होम, फिनिक्स मेडिकेयर समेत अन्य निजी अस्पतालों की जांच की।
इस दौरान कई लोग दस्तावेज नहीं दिखा सके। सभी अस्पताल व क्लीनिक संचालकों से उनके पंजीकरण, विनियिमत क्षेत्र से पास नक्शा और फायर ब्रिगेड की एनओसी समेत अन्य दस्तावेज तलब किए गए। तहसीलदार ने बताया कि दस्तावेज मिलने के बाद उनके आधार पर फिर जांच होगी।