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डीएम के खिलाफ वकीलों ने खोला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:43 AM IST
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तहसील में काम कर रहे अधिवक्ताओं ने सोमवार को डीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी गई राजस्व वाद की 60 पत्रावलियों को वापस कराने की जिद पर अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप रखा। प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद अधिवक्ताओं ने फाइलें वापस मंगाने तक कामकाज ठप रखने का एलान किया है।
चायल तहसील में राजस्व वाद की 60 पत्रावलियों को डीएम के आदेश पर एसडीएम अश्वनी कुमार ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के हवाले कर दिया। इसकी जानकारी तहसील के अधिवक्ताओं को हुई तो उनमें नाराजगी फैल गई। अधिवक्ताओं ने डीएम द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ सोमवार को मोर्चा खोल दिया। रोज की तरह तहसील पहुंचे अधिवक्ताओं ने काम करने से मना करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया।
बार अध्यक्ष लाल बाबू सिंह के नेतृत्व में सैकड़ाें अधिवक्ताओं ने अनिश्चित कालीन हड़ताल करते हुए परिसर में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम से मिलकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी गई पत्रावली वापस मंगाने की जिद की। चेतावनी दिया कि जब तक पत्रावली वापस नहीं मंगाई जाएगी अधिवक्ता कामकाज से विरत रहेंगे। प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओें में प्रमुख रूप से महामंत्री धर्मराज ओझा, बीएल पाल, सगीर अहमद, राजकुमार शर्मा, योगेश त्रिपाठी समेत सभी अधिवक्ता शामिल रहे।
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परेशान रहे वादकारी
स्थानीय तहसील में अधिवक्ताओं के हड़ताल पर रहने से वादों की पैरवी करने आए लोग हलाकान रहे। दोपहर तक वह अधिवक्ताओं की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार करते रहे। इसके बाद जब हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो वह मायूस होकर अपने-अपने घरों को लौट गए। ऐसे में जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी तब तक अधिवक्ताओें को वादों की पैरवी में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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चायल तहसील में राजस्व वाद की 60 पत्रावलियों को डीएम के आदेश पर एसडीएम अश्वनी कुमार ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के हवाले कर दिया। इसकी जानकारी तहसील के अधिवक्ताओं को हुई तो उनमें नाराजगी फैल गई। अधिवक्ताओं ने डीएम द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ सोमवार को मोर्चा खोल दिया। रोज की तरह तहसील पहुंचे अधिवक्ताओं ने काम करने से मना करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया।
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बार अध्यक्ष लाल बाबू सिंह के नेतृत्व में सैकड़ाें अधिवक्ताओं ने अनिश्चित कालीन हड़ताल करते हुए परिसर में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम से मिलकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी गई पत्रावली वापस मंगाने की जिद की। चेतावनी दिया कि जब तक पत्रावली वापस नहीं मंगाई जाएगी अधिवक्ता कामकाज से विरत रहेंगे। प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओें में प्रमुख रूप से महामंत्री धर्मराज ओझा, बीएल पाल, सगीर अहमद, राजकुमार शर्मा, योगेश त्रिपाठी समेत सभी अधिवक्ता शामिल रहे।
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परेशान रहे वादकारी
स्थानीय तहसील में अधिवक्ताओं के हड़ताल पर रहने से वादों की पैरवी करने आए लोग हलाकान रहे। दोपहर तक वह अधिवक्ताओं की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार करते रहे। इसके बाद जब हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो वह मायूस होकर अपने-अपने घरों को लौट गए। ऐसे में जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी तब तक अधिवक्ताओें को वादों की पैरवी में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।