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देवर्षि की तपस्या से हिल उठा देवराज का सिंहासन

Mon, 14 Oct 2019 12:36 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2019 12:36 AM IST
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Devraj's throne shaken by the penance of Devarshi
देवर्षि की तपस्या से हिल उठा देवराज का सिंहासन
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नारद मोह के साथ शुरू हुई करारी की रामलीला
अमर उजाला ब्यूरो
करारी। नगर की ऐतिहासिक रामलीला का मंचन रविवार रात नारद मोह की लीला के साथ प्रारम्भ हुआ। उत्तर भारत से के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति देख दर्शक भावविभोर हो उठे। खचाखच भरा स्टेडियम जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कथा प्रसंग के मुताबिक एक बार हिमालय की सुंदर पहाड़ियों में घूमते हुए देवर्षि नारद का मन मोह जाता है और वह वहीं एक गुफा में तपस्या करने लगते हैं। उनके तपोबल से देवराज इंद्र का सिंहासन हिल उठता है। ऐसे में देवराज को लगता है कि कोई उनका सिंहासन छीनने के लिए तप कर रहा है। तपस्वी का पता लगवाने के बाद वह तपस्या भंग करने के लिए अपने मित्र कामदेव के साथ अफसरा उर्वशी, रंभा और मेनका को हिमालय भेजते हैं। ये सभी तपस्या भंग करने में नाकामयाब हो जाते हैं। ऐसे में नारद को कामदेव पर विजय पा लेेने का अहंकार हो जाता है। घमंड में चूर होकर वह यह बात भगवान शंकर के मना करने के बाद भी विष्णु जी को बताते हैं। लिहाजा विष्णु भगवान अहंकार चूर करने के लिए माया की नगरी का निर्माण करते हैं। वहां विश्वमोहिनी के स्वयंवर का आयोजन होता है। शादी करने के लिए देवर्षि विष्णु जी के पास सुंदर स्वरूप मांगने जाते हैं, लेकिन विष्णु जी उन्हें वानर का रूप दे देते हैं। बाद में खुद स्वयंवर में पहुंचकर वरमाला पहन लेते हैं। इसी के साथ नारद जी का घमंड चकनाचूर होता है और वह भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि त्रेता में यही वानर-भालू उनकी मदद करेंगे। बाद में राम रूप में सीताहरण के बाद बंदर-भालुओं ने ही प्रभु श्रीराम की मदद की थी। फिलहाल इस दिन की लीला का यहीं पर समापन हुआ।
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प्रशासन से व्यवस्थाओं की मांग
मंझनपुर। करारी रामलीला कमेटी ने जिला प्रशासन से बिजली, पानी, सफाई, सुरक्षा आदि व्यवस्थाओें की मांग की है। अध्यक्ष सुनील जायसवाल उर्फ पिंटू ने बताया कि परशुराम-लक्ष्मण संवाद, राम विवाह, रावण दरबार, भरत मिलाप, ताड़का वध जैसी लीलाओं के दिन भीड़ उमड़ती है। लिहाजा इस दिन अधिक फोर्स की जरूरत पड़ेगी। आम दिनों में कम पुलिस बल के साथ अन्य सुविधाओं का किया जाना आवश्यक है।
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यू-ट्यूब पर भी देखिए रामलीला
मंझनपुर। करारी की रामलीला सोशल नेटवर्किंग साइट यू-ट्यूब पर भी देखी जा सकती है। कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि तमाम रामभक्त विदेशों में भी रहते हैं। किन्हीं कारणों से वह इस पावन मौके पर गांव नहीं आ पाते। ऐसे लोग जहां हैं, वहीं अपने नगर की रामलीला देखें, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। मंचन टुकड़ों में यू-ट्यूब पर अपलोड किया जाता है।
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