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अब गांवोें में शुरू हो जाएंगे विकास कार्य
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:17 AM IST
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दोआबा के छह ब्लॉकों की 102 ग्राम सभाओं की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी गई है। इन ग्राम सभाओं के सेक्रेटरी कार्ययोजना की सूची संबंधित जेई से तैयार कराकर तत्काल विकास कार्य शुरू करा सकते हैं। इसका निर्देश जारी होने के बाद से ग्राम प्रधानों में खुशी का माहौल है।
पंचायत चुनाव के बाद से दोआबा की 498 ग्राम सभाओं में विकास कार्य ठप है। शासन के निर्देश पर डीएम ने ग्राम सभाओं में कराए जाने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजना मांगी थी। शासन ने छह ब्लॉकों के 102 गांवों की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित ग्राम सभाएं विकास कार्य शुरू कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित जेई से प्राक्कलन तैयार कराकर सक्षम अधिकारी से धनराशि की स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। जिन ग्राम सभाओं के कार्ययोजना पर शासन की मुहर लगी है उनमें चायल की 15, नेवादा की 30, कड़ा की सात, सिराथू की 35, कौशाम्बी की 9 सरसवां ब्लॉक की छह ग्राम सभाएं शामिल हैं।
दो ब्लॉकों के एक भी गांव की कार्ययोजना को नहीं मिली स्वीकृति
शासन स्तर पर जिले के दो ब्लॉकों के एक भी गांव की कार्ययोजना को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसके पीछे कार्ययोजना मुहैया कराने में देरी का मामला बताया जा रहा है। इनमें में विकास खंड मूरतगंज और मंझनपुर ब्लॉक शामिल हैं। ऐसे में इन दो ब्लॉकों की ग्राम सभाओं में विकास कार्य की शुरुआत होने में अभी वक्त लगेगा। छह ब्लॉकों के 102 गांवों की कार्ययोजना मंजूरी की खबर मिलने पर इन दो ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों में मायूसी दिखी।
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305 ग्राम सभाओं के ग्रामनिधि का खाता बहाल
ब्लॉकों में छह साल से अधिक समय से तैनात ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर ग्रामनिधि की धनराशि भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। स्थानांतरण के बाद प्रधानों और सचिवों के खाते का प्रमाणीकरण किया जा रहा था। अब तक 305 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के ग्राम निधि खाते का प्रमाणीकरण किया जा चुका है। प्रमाणीकरण होने के बाद इन ग्राम सभाओं के खाते से धनराशि के आहरण पर लगी रोक भी हटा ली गई है। ऐसे में इन ग्राम सभाओं में शौचालय की धनराशि निकालकर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है।
पंचायत चुनाव के बाद से ग्राम पंचायतों में खाता संचालन और कार्ययोजना की स्वीकृति को लेकर ऊहापोह की स्थिति थी। प्रमाणीकरण के बाद ग्राम निधि के खाते के संचालन को बहाल कर दिया गया है। जिन गांवों की कार्ययोजना मंजूर हो चुकी वहां विकास कार्य की अनुमति दे दी गई है।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ
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पंचायत चुनाव के बाद से दोआबा की 498 ग्राम सभाओं में विकास कार्य ठप है। शासन के निर्देश पर डीएम ने ग्राम सभाओं में कराए जाने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजना मांगी थी। शासन ने छह ब्लॉकों के 102 गांवों की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित ग्राम सभाएं विकास कार्य शुरू कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित जेई से प्राक्कलन तैयार कराकर सक्षम अधिकारी से धनराशि की स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। जिन ग्राम सभाओं के कार्ययोजना पर शासन की मुहर लगी है उनमें चायल की 15, नेवादा की 30, कड़ा की सात, सिराथू की 35, कौशाम्बी की 9 सरसवां ब्लॉक की छह ग्राम सभाएं शामिल हैं।
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दो ब्लॉकों के एक भी गांव की कार्ययोजना को नहीं मिली स्वीकृति
शासन स्तर पर जिले के दो ब्लॉकों के एक भी गांव की कार्ययोजना को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसके पीछे कार्ययोजना मुहैया कराने में देरी का मामला बताया जा रहा है। इनमें में विकास खंड मूरतगंज और मंझनपुर ब्लॉक शामिल हैं। ऐसे में इन दो ब्लॉकों की ग्राम सभाओं में विकास कार्य की शुरुआत होने में अभी वक्त लगेगा। छह ब्लॉकों के 102 गांवों की कार्ययोजना मंजूरी की खबर मिलने पर इन दो ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों में मायूसी दिखी।
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305 ग्राम सभाओं के ग्रामनिधि का खाता बहाल
ब्लॉकों में छह साल से अधिक समय से तैनात ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर ग्रामनिधि की धनराशि भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। स्थानांतरण के बाद प्रधानों और सचिवों के खाते का प्रमाणीकरण किया जा रहा था। अब तक 305 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के ग्राम निधि खाते का प्रमाणीकरण किया जा चुका है। प्रमाणीकरण होने के बाद इन ग्राम सभाओं के खाते से धनराशि के आहरण पर लगी रोक भी हटा ली गई है। ऐसे में इन ग्राम सभाओं में शौचालय की धनराशि निकालकर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है।
पंचायत चुनाव के बाद से ग्राम पंचायतों में खाता संचालन और कार्ययोजना की स्वीकृति को लेकर ऊहापोह की स्थिति थी। प्रमाणीकरण के बाद ग्राम निधि के खाते के संचालन को बहाल कर दिया गया है। जिन गांवों की कार्ययोजना मंजूर हो चुकी वहां विकास कार्य की अनुमति दे दी गई है।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ