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सिराथू विधान सभा से चुनाव लड़ सकते हैं डिप्टी सीएम केशव!
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प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सिराथू से चुनाव लड़ सकते हैं। यह खबर सोशल मीडिया में वायरल हुई सियासी गलियारे में खलबली मच गई। खासकर सपा और भाजपा से टिकट की दावदेरी करने वाले लोग अपने राजनीतिक आकाओं से इस सूचना की पुष्टि करने के लिए परेशान रहे।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का सिराथू गृह नगर है। केशव प्रसाद मौर्य के सियासी कैरियर को सिराथू से ही मुकाम हासिल हुआ था। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वह पहली बार सिराथू से विधायक चुने गए थे। यह वह दौर था जब पूरे प्रदेश में सपा की आंधी चली थी।
उस वक्त जिले की तीन में से दो सीटों पर बसपा व एक पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। भाजपा से विजयी केशव मौर्या के निर्वाचित होने पर कहा गया था कि सिराथू में किसी पार्टी ने नहीं निजी व्यक्ति ने चुनाव जीता है। क्योंकि उन दिनों बसपा का अभेद्य दुर्ग रहे जनपद में भाजपा अपना पैर जमाने का प्रयास कर रही थी।
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विपरीत परिस्थितियों में सियासी फतह हासिल करने के बाद वर्ष 2014 के लोकसभा के चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और फूलपुर सीट से चुनाव लड़े। वहां से सांसद बनकर वह लोकसभा पहुंचे। सांसद रहते उनकी कुशल सांगठनिक क्षमता देख पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी थी।
केशव की अगुवाई में लड़े गए 2017 के विधानसभा चुनाव में मिले प्रचंड बहुमत के बाद पार्टी ने उन्हें डिप्टी सीएम बना दिया। उस वक्त केशव लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद विधान परिषद से सदन पहुंचे। अब 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सरकार अथवा संगठन में महत्वूपर्ण पदों पर आसीन सभी नेताओं को चुनाव लड़ाने का फैसला किया तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सिराथू से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो र्गइं हैं। चर्चाओं को बल तब मिला जब शनिवार को शोसल मीडिया में केशव प्रसाद मौर्य के सिराथू से चुनाव लड़ने की खबरें आने लगीं।
फिलहाल इस बाबत अभी भाजपा की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल खबर ने जिले के सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। इस बाबत भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी का कहना है फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का सिराथू गृह नगर है। केशव प्रसाद मौर्य के सियासी कैरियर को सिराथू से ही मुकाम हासिल हुआ था। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वह पहली बार सिराथू से विधायक चुने गए थे। यह वह दौर था जब पूरे प्रदेश में सपा की आंधी चली थी।
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उस वक्त जिले की तीन में से दो सीटों पर बसपा व एक पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। भाजपा से विजयी केशव मौर्या के निर्वाचित होने पर कहा गया था कि सिराथू में किसी पार्टी ने नहीं निजी व्यक्ति ने चुनाव जीता है। क्योंकि उन दिनों बसपा का अभेद्य दुर्ग रहे जनपद में भाजपा अपना पैर जमाने का प्रयास कर रही थी।
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विपरीत परिस्थितियों में सियासी फतह हासिल करने के बाद वर्ष 2014 के लोकसभा के चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और फूलपुर सीट से चुनाव लड़े। वहां से सांसद बनकर वह लोकसभा पहुंचे। सांसद रहते उनकी कुशल सांगठनिक क्षमता देख पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी थी।
केशव की अगुवाई में लड़े गए 2017 के विधानसभा चुनाव में मिले प्रचंड बहुमत के बाद पार्टी ने उन्हें डिप्टी सीएम बना दिया। उस वक्त केशव लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद विधान परिषद से सदन पहुंचे। अब 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सरकार अथवा संगठन में महत्वूपर्ण पदों पर आसीन सभी नेताओं को चुनाव लड़ाने का फैसला किया तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सिराथू से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो र्गइं हैं। चर्चाओं को बल तब मिला जब शनिवार को शोसल मीडिया में केशव प्रसाद मौर्य के सिराथू से चुनाव लड़ने की खबरें आने लगीं।
फिलहाल इस बाबत अभी भाजपा की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल खबर ने जिले के सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। इस बाबत भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी का कहना है फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।