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डेंगू: बेटे की मौत, खतरे में भाई-बहन
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:28 AM IST
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जिले में डेंगू से मौत होने का सिलसिला जारी है। नेवादा पीएचसी क्षेत्र के डहिया गांव में एक किशोर की मौत हो चुकी है, जबकि उसके भाई-बहन इस जानलेवा बीमारी की चपेट में हैं। इनके अलावा इसी गांव के व आसपास गांव के दर्जनों लोग भी डेंगू की गिरफ्त में हैं। सभी का इलाज इलाहाबाद के निजी अस्पतालों में हो रहा है।
डेंगू से अब तक जिले में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। चार दिन के भीतर चार लोगों ने दम तोड़ दिया। इससे डेंगू को लेकर लोगों के दिलों में दहशत भर गई है। बुखार होते ही लोग सीधे अस्पताल पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पतालों पर लोगों को भरोसा नहीं, वह निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जा रहे हैं। बड़वापर डहिया निवासी निखिल कुमार मिश्र (13) पुत्र ओमकार मिश्र डेंगू की चपेट में था। उसका इलाज इलाहाबाद में चल रहा था।
दो दिन पहले उसकी मौत हो गई। निखिल की मौत का गम परिजन भुला भी नहीं पाए थे कि उसके भाई दीपांशु मिश्र (15) व बहन रुचि मिश्र (17) भी इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए। इनका इलाज इलाहाबाद में हो रहा है। परिवार के लोग आशंकित हैं। इसी तरह गांव के अलख प्रकाश शुक्ला, दीपू सिंह, राममूरत, मोनु शुक्ला निवासी मिश्रपुर समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग भी इस बीमारी की चपेट में हैं।
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वहीं नेवादा पीएचसी प्रभारी ललित कुमार सिंह का कहना है कि प्रभावित गांवों में वह टीम भेज रहे हैं। दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू का इलाज किया जा रहा है, यदि किसी को भी बुखार आए तो वह सीधे अस्पताल आए।
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डेंगू से अब तक जिले में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। चार दिन के भीतर चार लोगों ने दम तोड़ दिया। इससे डेंगू को लेकर लोगों के दिलों में दहशत भर गई है। बुखार होते ही लोग सीधे अस्पताल पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पतालों पर लोगों को भरोसा नहीं, वह निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जा रहे हैं। बड़वापर डहिया निवासी निखिल कुमार मिश्र (13) पुत्र ओमकार मिश्र डेंगू की चपेट में था। उसका इलाज इलाहाबाद में चल रहा था।
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दो दिन पहले उसकी मौत हो गई। निखिल की मौत का गम परिजन भुला भी नहीं पाए थे कि उसके भाई दीपांशु मिश्र (15) व बहन रुचि मिश्र (17) भी इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए। इनका इलाज इलाहाबाद में हो रहा है। परिवार के लोग आशंकित हैं। इसी तरह गांव के अलख प्रकाश शुक्ला, दीपू सिंह, राममूरत, मोनु शुक्ला निवासी मिश्रपुर समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग भी इस बीमारी की चपेट में हैं।
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वहीं नेवादा पीएचसी प्रभारी ललित कुमार सिंह का कहना है कि प्रभावित गांवों में वह टीम भेज रहे हैं। दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू का इलाज किया जा रहा है, यदि किसी को भी बुखार आए तो वह सीधे अस्पताल आए।