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गजब: भूमि नहीं फिर भी ऋण माफी का लाभ

Sat, 12 Aug 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sat, 12 Aug 2017 01:37 AM IST
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debt forgiveness to those farmers who have no land
यूको बैंक
कर्ज माफी योजना में धांधली की बात सामने आई है। कर्ज माफी की सूची में ऐसे लोगों का नाम डाला गया है जिनके पास जमीन ही नहीं है। बैंकर्स ने भूमिहीनों को भी कर्ज बांट रखा है। हाल ही में जारी हुई सूची यही खुलासा कर रही है। जानकारी होते ही एसडीएम चायल ने बैंकों पर शिकंजा कसते हुए उनसे जवाब तलब किया है।
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शासन के निर्देश पर किसानों को खेती करने के लिए कम ब्याज पर बैंकों से फसली ऋण दिया जाता है। खेती के ऐन वक्त पर केसीसी के माध्यम से किसान बैंकों से पैसा निकालकर खेती करता है। फसल कटने के बाद उपज बेचकर उसके द्वारा ऋण का भुगतान किया जाता है। इस साल योगी सरकार ने किसानों का फसली ऋण माफ कर दिया है। ऋण माफी का लाभ किसी गलत व्यक्ति को न मिल जाए इसके लिए बारीकी से जांच कराई जा रही है।
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ऋण माफी की सूची चायल तहसील क्षेत्र के दो बैंकों में पहुंची तो पता चला इन किसानों के पास भूमि ही नहीं है। पहला मामला सरायअकिल के फरीदउद्दीन पुत्र शेखई निवासी फकीराबाद का प्रकाश में आया। ऋण लेने वाले फरीदउद्दीन भूमिहीन हैं। इसके बाद भी ऋण माफी की सूची में फरीदउद्दीन का नाम डाला गया है। इनके गारंटर में बदरुद्दीन का नाम शामिल है। इसी तरह पंसौर के भूमिहीन कमलेश कुमार पुत्र दिलसुख को भी स्टेट बैंक ने ऋण दे रखा है।
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ऋण माफी योजना का लाभ देने के लिए मां फूलकली का नाम भेजा गया है। मामले की जानकारी एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को हुई तो उन्होंने छानबीन शुरू करा दी है। उधर, भूमिहीनों को केसीसी देने के मामले में संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर जवाब तलब किया गया है। इससे बैंक कर्मियाें के होश उड़े हैं।
 
बैंक कर्मियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
ऋण माफी योजना में भूमिहीनों का नाम आने से चायल में खलबली मची है। अधिकारी भी हैरान हैं कि आखिर इनका नाम आया कैसे। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनको यदि ऋण दिया गया है तो किस आधार पर। माना जा रहा है कि कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया होगा। यदि इनके नाम पर ऋण नहीं है तो इनका नाम फर्जी तरीके से डाला किसने? इसकी कई स्तरों पर जांच शुरू हो गई। लीड बैंक मैनेजर से भी रिपोर्ट मांगी गई है।

 
 
ऋण माफी योजना की सूची में भूमिहीनों का नाम आया है। इसकी जांच करवाई जा रही है कि आखिर यह हुआ कैसे? यदि बैंकों ने इनको ऋण दिया है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जवाब आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
अश्वनी श्रीवास्तव
एसडीएम चायल
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