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Kaushambi News: समय सीमा समाप्त, अब तक नहीं बन सका कालिंदी पर पुल
Thu, 18 Sep 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:36 AM IST
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कोसम गांव के पास से यमुना नदी में बन रहा पुल। संवाद
कोसम इनाम में निर्माणाधीन कालिंदी नदी पर पुल का काम सुस्त गति से चल रहा है। वर्ष 2021 में शुरू हुई 116 करोड़ की इस परियोजना में चार साल के दौरान सिर्फ पिलर ही तैयार हो सके हैं। जबकि, दिसंबर 2024 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था।
कौशाम्बी से दर्शानार्थी चित्रकूट स्थित कामतानाथ मंदिर दर्शन करने जाते हैं, वहीं महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से भी जैन व बौद्ध धर्म को मानने वाले श्रद्धालु हर साल कौशाम्बी आते हैं। इसके लिए यमुना नदी पार करना पड़ता है। कौशाम्बी से चित्रकूट के लिए 40 किलोमीटर व बांदा के लिए 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
इस दूरी को कम करने के लिए कोसम इनाम में 116 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण हो रहा है। करीब चार साल पहले सेतु निगम ने इसका काम शुरू किया था। पुल के सभी 18 पिलर बनकर तैयार हो गए और पिलरों पर सिर्फ चार स्पैम ही रखें जा सके हैं। सेतु निगम दावा कर रहा है कि 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। बाकी का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जबकि, धरातल पर सिर्फ 50 से 55 फीसद ही काम हुआ है।
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दिसंबर 2024 में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने पुल का निरीक्षण किया था। उस वक्त उन्होंने धीमी गति पर कार्यदायी संस्था सेतु निगम के अधिकारियों व ठेकेदार को फटकार लगाई थी। इसपर संस्था के अधिकारियों ने डीएम से जून 2025 तक निर्माण कार्य पूरा करने का समय मांगा था लेकिन, सितंबर में भी पुल निर्माण का कार्य अधूरा है।
आंकड़ों पर एक नजर
-पुल की लंबाई- 960 मीटर
-लागत -116 करोड़ रुपये
-एप्रोच की लंबाई- 700 मीटर
-काम शुरू हुआ दिसंबर- 2021
-काम पूरा करने का समय दिसंबर- 2024
ग्रामीणों को पुल तैयार होने का बेसब्री से इंतजार
पुल बनने से सबसे अधिक फायदा कौशाम्बी ब्लॉक के कोसम इनाम, पाली ऊपरहार, कोसम खिराज, मुस्तफाबाद, बिजिया चौराहा, बनी खास, चंपहा, मढ़ी, विदाव, इटैला, रसूलपुर बड़गांव, बैगवां, मढ़ी, ढेकहाई, मेड़रहा, ढोकसहा, अवाना आलमपुर आदि गांवों को मिलेगा। बिजिया चौराहा के मुन्ना जैन का कहना है कि जैन धर्म के धर्मावलंबी हर साल बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए आते हैं। वहीं, धम्म मित्र बुद्ध विहार के भंते भिक्खू रत्न व कंबोडिया मंदिर के भंते चंदेन का कहना है कि बौद्ध धर्मावलंबी मध्यप्रदेश से कौशाम्बी दर्शन करने आते हैं। पुल बनने के बाद दूरी काफी कम हो जाएगी।
यमुना नदी में निर्माणाधीन पुल का काम चल रहा है, इसके सभी पिलर तैयार हो गए हैं। बॉक्स गर्डर की ढलाई का काम भी लगभग पूरा हो गया है। ठेकेदार ने काम पूरा करने के लिए और समय मांगा है। -एसपी सिंह, उप परियोजना प्रबंधक, प्रयागराज
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कौशाम्बी से दर्शानार्थी चित्रकूट स्थित कामतानाथ मंदिर दर्शन करने जाते हैं, वहीं महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से भी जैन व बौद्ध धर्म को मानने वाले श्रद्धालु हर साल कौशाम्बी आते हैं। इसके लिए यमुना नदी पार करना पड़ता है। कौशाम्बी से चित्रकूट के लिए 40 किलोमीटर व बांदा के लिए 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
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इस दूरी को कम करने के लिए कोसम इनाम में 116 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण हो रहा है। करीब चार साल पहले सेतु निगम ने इसका काम शुरू किया था। पुल के सभी 18 पिलर बनकर तैयार हो गए और पिलरों पर सिर्फ चार स्पैम ही रखें जा सके हैं। सेतु निगम दावा कर रहा है कि 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। बाकी का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जबकि, धरातल पर सिर्फ 50 से 55 फीसद ही काम हुआ है।
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दिसंबर 2024 में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने पुल का निरीक्षण किया था। उस वक्त उन्होंने धीमी गति पर कार्यदायी संस्था सेतु निगम के अधिकारियों व ठेकेदार को फटकार लगाई थी। इसपर संस्था के अधिकारियों ने डीएम से जून 2025 तक निर्माण कार्य पूरा करने का समय मांगा था लेकिन, सितंबर में भी पुल निर्माण का कार्य अधूरा है।
आंकड़ों पर एक नजर
-पुल की लंबाई- 960 मीटर
-लागत -116 करोड़ रुपये
-एप्रोच की लंबाई- 700 मीटर
-काम शुरू हुआ दिसंबर- 2021
-काम पूरा करने का समय दिसंबर- 2024
ग्रामीणों को पुल तैयार होने का बेसब्री से इंतजार
पुल बनने से सबसे अधिक फायदा कौशाम्बी ब्लॉक के कोसम इनाम, पाली ऊपरहार, कोसम खिराज, मुस्तफाबाद, बिजिया चौराहा, बनी खास, चंपहा, मढ़ी, विदाव, इटैला, रसूलपुर बड़गांव, बैगवां, मढ़ी, ढेकहाई, मेड़रहा, ढोकसहा, अवाना आलमपुर आदि गांवों को मिलेगा। बिजिया चौराहा के मुन्ना जैन का कहना है कि जैन धर्म के धर्मावलंबी हर साल बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए आते हैं। वहीं, धम्म मित्र बुद्ध विहार के भंते भिक्खू रत्न व कंबोडिया मंदिर के भंते चंदेन का कहना है कि बौद्ध धर्मावलंबी मध्यप्रदेश से कौशाम्बी दर्शन करने आते हैं। पुल बनने के बाद दूरी काफी कम हो जाएगी।
यमुना नदी में निर्माणाधीन पुल का काम चल रहा है, इसके सभी पिलर तैयार हो गए हैं। बॉक्स गर्डर की ढलाई का काम भी लगभग पूरा हो गया है। ठेकेदार ने काम पूरा करने के लिए और समय मांगा है। -एसपी सिंह, उप परियोजना प्रबंधक, प्रयागराज