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Kaushambi News: निजी दुकानों में डीएपी का भंडार, सहकारी समितियों में मारामारी

Fri, 31 Oct 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 31 Oct 2025 01:31 AM IST
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DAP stock in private shops, scramble in cooperative societies
शिवबली सिंह, लोधन का पूरा
जिले भर में डीएपी को लेकर मारामारी मची हुई है। कहीं-कहीं भीड़ तो इतनी है कि पुलिस के संरक्षण में डीएपी का वितरण कराना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब जिले की हर सहकारी समिति में पर्याप्त खाद होने का दावा किया जा रहा है। वहीं निजी दुकानों से किसान खाद की खरीद करने से कतरा रहे हैं, जबकि खाद की आपूर्ति निजी दुकानों में अधिक है।
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खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा करते हुए एआर कोऑपरेटिव मोहसिन जमील ने बताया कि जिले में रबी सीजन के लिए जितनी खाद की मांग हो रही है, समितियों को भेजी जा रही है। किसी भी समिति में अतिरिक्त भंडारण की क्षमता नहीं है इसलिए एक बार में 200 से 300 बोरी ही खाद दी जा रही है। जैसे ही खाद खत्म होती है, दोबारा भेज दी जाती है।
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इस सीजन के लिए जिले का डीएपी लक्ष्य 6,612 मीट्रिक टन का है। इनमें से 3,013 मीट्रिक टन डीएपी समितियों को भेजी जा चुकी है। 573 मीट्रिक टन खाद शेष है, जबकि 594 मीट्रिक टन बफर स्टॉक के रूप में गोदाम में मौजूद है। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति में केवल 30 फीसदी किसानों को वितरण के लिए ही खाद दी जा रही है। 70 फीसदी खाद निजी दुकानों को भेजी जा रही है।
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यह खाद उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनका समिति में पंजीकरण है। अन्य किसानों को निजी दुकानों से खाद लेना होगा। यदि किसी किसान के पास फार्मल आइडी है, तो उनको भी खाद उपलब्ध कराई जाएगी। यह निर्देश अपर आयुक्त श्रीकांत गोस्वामी ने जारी किया है।
एक बोरी डीएपी के लिए लगानी पड़ती है लाइन
तहसील की 17 साधन सहकारी समितियों में डीएपी का स्टॉक कम होने के कारण एक बोरी खाद पाने के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। हालांकि, जिम्मेदारों का दावा है कि उर्वरक की खेप लगातार पहुंच रही है। सिराथू ब्लॉक के शमशाबाद, मानपुर गौरा, जवई पडरी, सुजातपुर बमरौली में स्टॉक कम है, जबकि अन्य तीन समितियों में दो दिन से खाद नहीं मिल रही है।
बृहस्पतिवार को कड़ा ब्लॉक की 10 समितियों में से दारानगर, उचरावां और गौसपुर नवावां समितियों पर किसानों को तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़े रहना पड़ा। किसान गोपाल, किशन, सत्यनारायण और रविकरण ने बताया कि आलू, सरसों और मटर की बोआई के लिए डीएपी की आवश्यकता है। समितियों में पर्याप्त खाद न मिलने के कारण उन्हें बाजार से महंगे दामों पर नकली उर्वरक खरीदना पड़ रहा है। सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि खाद की खेप आती-जाती रहती है और जरूरत के अनुसार किसानों को दी जा रही है।
डीएपी उपलब्ध, सचिव की अनुपस्थिति में होती है परेशानी
साधन सहकारी समिति में 12 टन डीएपी का स्टॉक है। सचिव देवेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसान गजराज पाल, मोहन और जगेश्वर पटेल ने बताया कि आलू व सब्जी वाली मटर की बोआई के लिए दो-दो बोरी उर्वरक की जरूरत थी जो बृहस्पतिवार को आसानी से मिल गई।
हालांकि, जब अधिकारी उर्वरक वितरण के लिए सचिव को दूसरी समिति में ड्यूटी पर लगा देते हैं तो समिति बंद हो जाती है। ऐसे में किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। किसानों ने मांग की कि वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से की जाए।
पुरखास और जवई साधन सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी उपलब्ध

सचिव नन्हुक लाल सिंह ने बताया कि पुरखास समिति में 350 बोरी डीएपी और 300 बोरी यूरिया उपलब्ध है। जवई समिति में 400 बोरी डीएपी और 350 बोरी यूरिया का स्टॉक है। जवई समिति में उर्वरक का वितरण भी किया जा रहा है। वहीं, नेवादा समिति के सचिव पवनसुत त्रिपाठी ने बताया कि समिति में करीब 50 बोरी डीएपी का स्टॉक बचा है और स्टॉक की नई मांग भेज दी गई है। दो दिन में खेप आ जाएगी। यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
बारिश में लाइन में खड़े रहे किसान, नहीं मिली डीएपी
साधन सहकारी समिति पर सुबह सात बजे से ही किसानों की भीड़ लग गई। 10 बजे कर्मचारियों के आने पर किसानों को लाइन में लगने के लिए कहा गया, जिस पर विवाद होने लगा। इस दौरान सचिव ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद थानाध्यक्ष हरीश तिवारी ने दो उपनिरीक्षकों और एक कांस्टेबल को भेजकर किसानों को समझाया और उनकी लाइन लगवाई।
लाइन में खड़े किसान सुबह से हो रही हल्की बारिश में भीग गए। सचिव मनभूषण सिंह ने बताया कि गोदाम से 250 बोरी डीएपी आई है। वितरण से पहले बृहस्पतिवार को किसानों को टोकन दिया गया था। उन्होंने बताया कि केवल उन्हीं किसानों को खाद दी जाएगी जो समिति के सदस्य हैं और खतौनी व आधार कार्ड की छायाप्रति देंगे।

हंगामे के बाद जांच के लिए पहुंचे तहसीलदार
साधन सहकारी समिति पइंसा में बुधवार को डीएपी खाद वितरण के दौरान किसानों ने हंगामा कर दिया था। हालात संभालने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में डीएपी का वितरण किया गया। कुल 250 बोरी खाद होने के कारण कई किसानों को वितरण नहीं मिल सका और वे मायूस होकर लौट गए। किसानों की शिकायत पर बृहस्पतिवार को सिराथू तहसीलदार अनंतराम अग्रवाल पइंसा गांव पहुंचे और खाद वितरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्टॉक देखा और किसानों के बयान दर्ज किए।

किसानों की जुबानी
- आलू की बोआई के लिए सुबह सात बजे से लाइन में लगा हूं और बारिश में भीग गया। उसके बावजूद टोकन मिला और न ही डीएपी। - पुष्पेंद्र कुमार, पुनवार
- लाइन में खड़े-खड़े पैरों में दर्द हो गया। इतनी लंबी लाइन लगी रही कि किसानों के बीच धक्कामुक्की तक होने लगी। बाद में पुलिस के आने के बाद खाद मिली। - शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

शिवबली सिंह, लोधन का पूरा

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