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Kaushambi News: प्रयागराज-कौशाम्बी फोरलेन सड़क के मुआवजे में करोड़ों का गोलामल
Mon, 19 May 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 19 May 2025 12:59 AM IST
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मंझनपुर। प्रयागराज-कौशाम्बी में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क के मुआवजे में राजस्व व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों का गोलमाल की शिकायत हुई है। अधिवक्ता की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
नियमानुसार किसी भी परियोजना की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित भूमि का स्वरूप नहीं बदला जा सकता है। लेकिन, प्रयागराज-कौशाम्बी में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क के मामले राजस्व व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने काश्तकारों से मिलीभगत कर इसके विपरीत काम किया। अधिवक्ता इंद्रेश कुमार ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि प्रयागराज-कौशाम्बी में फोरलेन सड़क निर्माण की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति का आदेश अगस्त 2021 में जारी हो गया था।
इसके बावजूद वर्ष 2022 में कोसम इनाम गांव के खसरा संख्या 1032 से 1037 व 387 आदि की तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार की मदद से धारा 80 कराते हुए भूमि को अकृषिक के रूप में परिवर्तित कराते हुए फोरलेन सड़क में अधिग्रहण करा दिया गया। ऐसे में नियमानुसार अधिग्रहण क्षेत्र में आने वाली जमीनों की कराई गई धारा 80 अवैध है।
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आरोप है कि सड़क का शासनादेश जारी होने के बाद धारा 80 कराकर किसानों से मिलीभगत कर सरकार से करोड़ों रुपए का की लूट की गई है। जबकि, शासनादेश जारी होने के पहले की यथा स्थिति के अनुसार ही मुआवजा मिलना चाहिए। खसरा संख्या 1032 एवं 1033 में 8 बिस्वा भूमि अधिग्रहित होने के बाद भी उतनी ही जमीन शेष बची है।
जिस भूमि से सड़क गुजरी ही नहीं उसका भी दिला दिया मुआवजा
-- -प्रयागराज से पर्यटन स्थल कौशांबी के लिए जाने वाली सड़क में खासकर कोशम इनाम की भूमि के मुआवजे में बड़ा घोटाला किया गया है बताया जा रहा है कि जिस भूमि से रोड गुजरी ही नहीं उसे भी अकृर्षित कराकर लाभ पहुंचाया गया है। लोगों का कहना है कि यह तो सिर्फ बानगी है। अगर सही ढंग से जांच हुई तो राजस्व विभाग व लोक निर्माण विभाग के कई बड़े कर्मचारी व अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
शिकायत पर एसडीएम को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच में यदि सड़क स्वीकृति के बाद धारा 80 कराके मुआवजा हासिल किया गया है तो संबंधित से रिकवरी कराई जाएगी।-- मधुसूदन हुल्गी,डीएम
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नियमानुसार किसी भी परियोजना की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित भूमि का स्वरूप नहीं बदला जा सकता है। लेकिन, प्रयागराज-कौशाम्बी में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क के मामले राजस्व व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने काश्तकारों से मिलीभगत कर इसके विपरीत काम किया। अधिवक्ता इंद्रेश कुमार ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि प्रयागराज-कौशाम्बी में फोरलेन सड़क निर्माण की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति का आदेश अगस्त 2021 में जारी हो गया था।
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इसके बावजूद वर्ष 2022 में कोसम इनाम गांव के खसरा संख्या 1032 से 1037 व 387 आदि की तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार की मदद से धारा 80 कराते हुए भूमि को अकृषिक के रूप में परिवर्तित कराते हुए फोरलेन सड़क में अधिग्रहण करा दिया गया। ऐसे में नियमानुसार अधिग्रहण क्षेत्र में आने वाली जमीनों की कराई गई धारा 80 अवैध है।
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आरोप है कि सड़क का शासनादेश जारी होने के बाद धारा 80 कराकर किसानों से मिलीभगत कर सरकार से करोड़ों रुपए का की लूट की गई है। जबकि, शासनादेश जारी होने के पहले की यथा स्थिति के अनुसार ही मुआवजा मिलना चाहिए। खसरा संख्या 1032 एवं 1033 में 8 बिस्वा भूमि अधिग्रहित होने के बाद भी उतनी ही जमीन शेष बची है।
जिस भूमि से सड़क गुजरी ही नहीं उसका भी दिला दिया मुआवजा
शिकायत पर एसडीएम को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच में यदि सड़क स्वीकृति के बाद धारा 80 कराके मुआवजा हासिल किया गया है तो संबंधित से रिकवरी कराई जाएगी।