{"_id":"080b94847c5f570808379aa1dc4af776","slug":"the-death-of-the-young-man-from-burning-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलने से युवक की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जलने से युवक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 25 Apr 2015 01:51 AM IST
विज्ञापन
भरवारी (कौशाम्बी)। खाना बनाते समय बृहस्पतिवार की रात घर में लगी आग बुझाने के प्रयास में कोखराज (गरीब का पुरा) गांव के उमेश (22) पुत्र स्व. अशर्फीलाल की जलने से मौत हो गई। युवक बचपन से ही मां के साथ ननिहाल में रहता था। इकलौते बेटे की मौत से जहां मां की जहां रो-रोकर हालत खराब है। वहीं घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
सिराथू तहसील के कोखराज (गरीब का पुरा) गांव की रहने वाली राजकली की शादी शोभना बसेड़ी गांव के अशर्फीलाल के साथ हुई थी। करीब 20 साल पहले पति से अनबन होने के बाद राजकली बेटी शर्मिला, सुनीला और बेटे उमेश के साथ मायके आकर पिता प्यारेलाल के साथ रहने लगी थी। बेटियों की उसने शादी कर दी है। बेटा मेहनत मजदूरी करता था। राजकली ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात वह खाना बना रही थी। तभी चूल्हे से निकली चिंगारी से घर के छप्पर में आग लग गई। राजकली चीखने-चिल्लाने लगी तो उमेश भागकर मौके पर पहुंचा। घर में आग लगी देख, वह कपड़े, बर्तन आदि बाहर निकालने लगा। इसी दौरान अचानक जलता हुआ छप्पर उसके ऊपर ही गिर गया।
जलते छप्पर के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। उधर, घर से उठती लपटें और चीख-पुकार सुनकर गांववाले भी जुट गए। युवक के छप्पर के नीचे दबे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। गांववालों ने प्रयास करके जलता हुआ छप्पर हटा उमेश को बाहर निकला। नाजुक हालत में परिजन उसे स्थानीय अस्पताल लेकर भागे। वहां उसकी हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद रेफर कर दिया था। देर रात उसकी मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से राजकली की रो-रोकर हालत खराब है। नाना, नानी के साथ बहनें भी दिन भर सिसकती रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिराथू तहसील के कोखराज (गरीब का पुरा) गांव की रहने वाली राजकली की शादी शोभना बसेड़ी गांव के अशर्फीलाल के साथ हुई थी। करीब 20 साल पहले पति से अनबन होने के बाद राजकली बेटी शर्मिला, सुनीला और बेटे उमेश के साथ मायके आकर पिता प्यारेलाल के साथ रहने लगी थी। बेटियों की उसने शादी कर दी है। बेटा मेहनत मजदूरी करता था। राजकली ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात वह खाना बना रही थी। तभी चूल्हे से निकली चिंगारी से घर के छप्पर में आग लग गई। राजकली चीखने-चिल्लाने लगी तो उमेश भागकर मौके पर पहुंचा। घर में आग लगी देख, वह कपड़े, बर्तन आदि बाहर निकालने लगा। इसी दौरान अचानक जलता हुआ छप्पर उसके ऊपर ही गिर गया।
विज्ञापन
जलते छप्पर के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। उधर, घर से उठती लपटें और चीख-पुकार सुनकर गांववाले भी जुट गए। युवक के छप्पर के नीचे दबे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। गांववालों ने प्रयास करके जलता हुआ छप्पर हटा उमेश को बाहर निकला। नाजुक हालत में परिजन उसे स्थानीय अस्पताल लेकर भागे। वहां उसकी हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद रेफर कर दिया था। देर रात उसकी मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से राजकली की रो-रोकर हालत खराब है। नाना, नानी के साथ बहनें भी दिन भर सिसकती रहीं।
विज्ञापन