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बोरी में भरे मिले कंकाल की हुई पहचान!
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:01 AM IST
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किशनपुर थानाक्षेत्र के लौधरा गांव ससुर खदेरी नदी के पास तीन जून को बंद बोरी में मिले कंकाल की कपड़ों से पहचान की गई है। कौशांबी जिले से अपने बेटे के साथ आए एक व्यक्ति ने कंकाल बेटी रेशमा का होने का दावा किया है। साथ ही ससुरालीजनों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने सोमवार को डीएनए जांच के लिए कंकाल को पोस्टमार्टम भेजा है। जहां पर डाक्टरों ने नमूने लिए हैं।
कौशांबी जिले सैनी थानाक्षेत्र के चकिया निवासी अर्जुन पटेल ने बताया कि उसकी बेटी रेशमा (21) की शादी एक साल पहले किशनपुर थानाक्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी युवक से हुई थी। आरोप है कि ससुरालीजन बेटी को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। शादी के समय ही काफी दहेज दिया गया था। आरोप है कि ससुराल में बेटी की पिटाई की जाती और उसे भूखा रखा जाता था। दहेज में बाइक की मांग की गई थी। उसकी आठ मई को बेटी से बात हुई थी। इसके बाद से अचानक लापता हो गई। खोजबीन में पता चला कि बेटी को पति, ससुर, सास, जेठ, जेठानी, ननद भूसा भरवाने जंगल ले गए थे।
आरोप है कि वहीं, उसकी हत्या कर दी गई। रेशमा गर्भ से थी। ससुरालीजनों ने रेशमा के कहीं चले जाने की बात कही थी। तीन जून को नदी किनारे बोरी में कंकाल मिलने की जानकारी हुई। बोरी में कपड़े व ब्लाउज मिले। कपड़ों से बेटी की पहचान की है। अर्जुन ने बताया कि पुलिस बेटी की हत्या के मामले में हीलाहवाली कर रही है। पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। एसओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि अर्जुन पटेल के दावे पर कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है।
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डीएनए रिपोर्ट का अर्जुन और उसके परिवार से मिलान कराया जाएगा। कंकाल रेशमा का हुआ तो पहले की दर्ज रिपोर्ट को तरमीम कर जांच की जाएगी। ससुरालीजनों ने 17 मई को बहू के गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। खागा कोर्ट से इस रिपोर्ट की विवेचना के आदेश सोमवार शाम को मिल गए हैं। जिससे अब विवेचना की जा सकेगी।
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कौशांबी जिले सैनी थानाक्षेत्र के चकिया निवासी अर्जुन पटेल ने बताया कि उसकी बेटी रेशमा (21) की शादी एक साल पहले किशनपुर थानाक्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी युवक से हुई थी। आरोप है कि ससुरालीजन बेटी को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। शादी के समय ही काफी दहेज दिया गया था। आरोप है कि ससुराल में बेटी की पिटाई की जाती और उसे भूखा रखा जाता था। दहेज में बाइक की मांग की गई थी। उसकी आठ मई को बेटी से बात हुई थी। इसके बाद से अचानक लापता हो गई। खोजबीन में पता चला कि बेटी को पति, ससुर, सास, जेठ, जेठानी, ननद भूसा भरवाने जंगल ले गए थे।
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आरोप है कि वहीं, उसकी हत्या कर दी गई। रेशमा गर्भ से थी। ससुरालीजनों ने रेशमा के कहीं चले जाने की बात कही थी। तीन जून को नदी किनारे बोरी में कंकाल मिलने की जानकारी हुई। बोरी में कपड़े व ब्लाउज मिले। कपड़ों से बेटी की पहचान की है। अर्जुन ने बताया कि पुलिस बेटी की हत्या के मामले में हीलाहवाली कर रही है। पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। एसओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि अर्जुन पटेल के दावे पर कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है।
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डीएनए रिपोर्ट का अर्जुन और उसके परिवार से मिलान कराया जाएगा। कंकाल रेशमा का हुआ तो पहले की दर्ज रिपोर्ट को तरमीम कर जांच की जाएगी। ससुरालीजनों ने 17 मई को बहू के गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। खागा कोर्ट से इस रिपोर्ट की विवेचना के आदेश सोमवार शाम को मिल गए हैं। जिससे अब विवेचना की जा सकेगी।