{"_id":"591377734f1c1b2034850f48","slug":"seven-years-jail-kaushambi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुराचार के आरोपी को सात वर्ष की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुराचार के आरोपी को सात वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 11 May 2017 01:57 AM IST
विज्ञापन
कौशाम्बी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर जिला जज प्रथम ने दुराचार का आरोप साबित होने पर आरोपी को सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। घटना कोखराज थाना क्षेत्र में 1995 में घटी थी। महिला को आरोपी घर से पति के बीमार होने की सूचना देकर ले गया था।
अभियोजन के अनुसार एक सितंबर वर्ष 1995 को कोखराज थाने में क्षेत्र की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए गांव के ही अहमद पुुत्र रज्जन कबीर के खिलाफ दुराचार का आरोप लगाया था। महिला का आरोप था कि आरोपी अहमद रात करीब आठ बजे उसके घर आया और बताया कि उसका पति शराब पीकर गांव के बाहर तालाब किनारे लेटा है। अहमद की बात पर विश्वास कर वह उसके साथ तालाब के समीप गई तो वहां कोई नहीं मिला।
सुनसान देख अहमद ने उसके साथ दुराचार किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अपर जिला जज (प्रथम) दिनेश पाल यादव ने मामले की सुनवाई की। पीड़िता समेत चार गवाहों को कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकी चंद्र केशरवानी ने पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोपी पर दोष सिद्ध पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को सात वर्ष के कैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार एक सितंबर वर्ष 1995 को कोखराज थाने में क्षेत्र की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए गांव के ही अहमद पुुत्र रज्जन कबीर के खिलाफ दुराचार का आरोप लगाया था। महिला का आरोप था कि आरोपी अहमद रात करीब आठ बजे उसके घर आया और बताया कि उसका पति शराब पीकर गांव के बाहर तालाब किनारे लेटा है। अहमद की बात पर विश्वास कर वह उसके साथ तालाब के समीप गई तो वहां कोई नहीं मिला।
विज्ञापन
सुनसान देख अहमद ने उसके साथ दुराचार किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अपर जिला जज (प्रथम) दिनेश पाल यादव ने मामले की सुनवाई की। पीड़िता समेत चार गवाहों को कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकी चंद्र केशरवानी ने पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोपी पर दोष सिद्ध पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को सात वर्ष के कैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन