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बर्बाद फसल देख हुआ हार्टअटैक, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:30 AM IST
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चायल (ब्यूरो)। बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल के सदमे में बृहस्पतिवार को कौशाम्बी के किसान त्रिलोक सिंह (60) की मौत हो गई। चायल तहसील के मखऊपुर गांव का यह किसान सुबह खेत की ओर गया था। घंटों बर्बाद हुई फसलों को टकटकी लगाकर देखने के बाद जैसे ही वह घर लौटा तो सीने में तेज दर्द उठा। देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं। उसकी भाभी ने बताया कि फसल बर्बाद होने को लेकर वह कई दिनों से परेशान था। मामले में डीएम राजमणि यादव ने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार को गांव भेजा गया है। घटना की जांच के बाद पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिलेभर के किसानों के गेहूं, चना, सरसों आदि की फसलें तबाह हुई हैं। फसलों की बर्बादी से किसान परेशान हैं। इसी सदमे में बृहस्पतिवार को चायल तहसील के मखऊपुर गांव के रहने वाले किसान त्रिलोक सिंह (60) की मौत हो गई। त्रिलोक सिंह की पत्नी-बेटा बरसों पहले गायब हो गए थे। बड़े भाई त्रिवेंद्र की भी मौत हो चुकी है। ऐसे में विधवा भाभी और दो भतीजी के साथ वह रहते थे। उसके पास सिर्फ एक बीघा खेत है। भाभी लक्ष्मी देवी ने बताया कि तीन बीघा खेत बंटाई पर लिया गया था। पूरे चार बीघे में गेहूं की बुआई की गई थी। फसल ठीक थी।
पर, मार्च महीने में दो बार हुई बेमौसम की बारिश से पूरी फसल गिरकर खराब हो गई। फसल बर्बाद होने के बाद से ही त्रिलोक परेशान रहने लगा था। बृहस्पतिवार की सुबह भी वह खेत की ओर गया था। ग्रामीण बताते हैं कि करीब दो घंटे तक वह मेड़ पर बैठकर बर्बाद हुई फसल को देखता रहा। फिर घर लौट गया था। घर आते ही उसके सीने में तेज दर्द उठा। भाभी, भतीजी कुछ समझ पाती इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मौत पर पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
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परिजन और गांववालों का मानना है कि त्रिलोक की मौत बर्बाद हुई फसल के गम में ही हुई है। सूचना पर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार, ग्रामीणों से पूछताछ के बाद बर्बाद हुई फसल भी देखी। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि मौत की सूचना मिली है। एसडीएम और तहसीलदार को भेजा गया है। जांच के बाद पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
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मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिलेभर के किसानों के गेहूं, चना, सरसों आदि की फसलें तबाह हुई हैं। फसलों की बर्बादी से किसान परेशान हैं। इसी सदमे में बृहस्पतिवार को चायल तहसील के मखऊपुर गांव के रहने वाले किसान त्रिलोक सिंह (60) की मौत हो गई। त्रिलोक सिंह की पत्नी-बेटा बरसों पहले गायब हो गए थे। बड़े भाई त्रिवेंद्र की भी मौत हो चुकी है। ऐसे में विधवा भाभी और दो भतीजी के साथ वह रहते थे। उसके पास सिर्फ एक बीघा खेत है। भाभी लक्ष्मी देवी ने बताया कि तीन बीघा खेत बंटाई पर लिया गया था। पूरे चार बीघे में गेहूं की बुआई की गई थी। फसल ठीक थी।
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पर, मार्च महीने में दो बार हुई बेमौसम की बारिश से पूरी फसल गिरकर खराब हो गई। फसल बर्बाद होने के बाद से ही त्रिलोक परेशान रहने लगा था। बृहस्पतिवार की सुबह भी वह खेत की ओर गया था। ग्रामीण बताते हैं कि करीब दो घंटे तक वह मेड़ पर बैठकर बर्बाद हुई फसल को देखता रहा। फिर घर लौट गया था। घर आते ही उसके सीने में तेज दर्द उठा। भाभी, भतीजी कुछ समझ पाती इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मौत पर पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
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परिजन और गांववालों का मानना है कि त्रिलोक की मौत बर्बाद हुई फसल के गम में ही हुई है। सूचना पर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार, ग्रामीणों से पूछताछ के बाद बर्बाद हुई फसल भी देखी। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि मौत की सूचना मिली है। एसडीएम और तहसीलदार को भेजा गया है। जांच के बाद पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।