हिन्दी मीडियम की मान्यता पर चला रहे कानवेंट स्कूल
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सिराथू क्षेत्र में सक्त्रिस्य शिक्षा माफियाओं ने कानवेंट शिक्षा के नाम पर तिलिस्म फैला रखा है। इलाके में तकरीबन दो दर्जन ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जिन्होंने, नर्सरी से लेकर जूनियर तक शिक्षा देने का अधिकार बेसिक शिक्षा विभाग से ले रखा है। मगर हकीकत ठीक इसके विपरीत है। बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त यह विद्यालय सिराथू, अजुहा, दारानगर, कड़ा, देवीगंज, अलीपुरजीता, सौरई शमसाबाद, उदहीन, पइंसा आदि जगहों पर खुलेआम मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं ।
नियमों के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग ने जिन विद्यालयों को अपनी ओर से मान्यता प्रदान कर रखी है उन्हें, विभाग द्वारा अधिकृत पाठ्यक्त्रस्म लागू करने की भी बाध्यता होती है। पर इन स्कूलों में शासकीय फरमान को दरकिनार कर अपनी मर्जी चलाई जा रही है।
एक स्कूल संचालक के खिलाफ हुई थी एफआईआर
सिराथू तहसील के एक विद्यालय में मान्यता के विपरीत अंग्रेजी पाठ्यक्त्रस्म पढ़ाए जाने जाने की शिकायत पर पांच साल पहले सैनी कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। तत्कालीन डीएम लोकेश एम के निर्देश पर हुई कार्रवाई से उस वक्त शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया था। उनका तबादला होेने के बाद सब कुछ पहले जैसा हो गया।
वजीफा में भी होता है खेल
बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता लेकर कानवेंट स्कूल चलाने वाले कतिपय माफिया वजीफा में भी बड़ा खेल करते हैं। समाज कल्याण विभाग की मिलीभगत से स्कूल संचालक बच्चों को मिलने वाला वजीफा हजम कर जा रहे हैं। सब कुछ जानने के बाद भी जिले के अफसर बेखबर हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग की मान्यता लेकर कानवेंट चलाना पूरी तरह से गलत है। जल्द ही अभियान चलाकर इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं लागू करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महराज स्वामी-बीएसए