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रास्ते को लेकर छेकवा बालू घाट पर किसानों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो,कौशाम्बी
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:33 AM IST
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कनैली। सदर तहसील के छेकवा बालू घाट के रास्ते को लेकर मंगलवार को हंगामा हो गया। गांव के दो किसानों का कहना था कि बालू ठेकेदार ने उनके खेत में जबरन रास्ता बना लिया है। हंगामा के चलते ट्रक और ट्रैक्टर न तो घाट जा पाए और न ही घाट से बाहर निकल सके। एसडीएम ने फोन कर किसानों से बात करके रास्ता खुलवाया।
छेकवा बालू घाट का ठेका मनीष अग्रवाल के पास है। रोजाना यहां से दर्जनों वाहन ओवर लोड बालू लेकर पास होते हैं। जिस रास्ते से ट्रक निकाले जा रहे थे उस जमीन पर मंगलवार को गांव के रामेश्वर त्रिपाठी और बालेश्वर त्रिपाठी ने अपना दावा कर दिया। दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों के साथ खेत पहुंचे रामेश्वर आदि ने रास्ता बंद करा दिया। इससे बालू लोड करने के लिए वाहन न तो घाट तक जा पाए और जो घाट पर पहुंच चुके थे वह वापस नहीं निकल पाए। दोपहर दो बजे से शुरू हुआ हंगामा शाम चार बजे तक चलता रहा। हंगामे की जानकारी होने पर इंस्पेक्टर पीके राय फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने रास्ता खुलवाने के लिए किसानों से बात की लेकिन वह नहीं माने।
इसके बाद पुलिस ने एसडीएम से किसानों की फोन पर वार्ता कराई। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि बुधवार को जमीन की नाप कराई जाएगी। किसी के खेत से जबरन रास्ता नहीं बनाने दिया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने रास्ता खाली कर दिया।
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छेकवा बालू घाट का ठेका मनीष अग्रवाल के पास है। रोजाना यहां से दर्जनों वाहन ओवर लोड बालू लेकर पास होते हैं। जिस रास्ते से ट्रक निकाले जा रहे थे उस जमीन पर मंगलवार को गांव के रामेश्वर त्रिपाठी और बालेश्वर त्रिपाठी ने अपना दावा कर दिया। दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों के साथ खेत पहुंचे रामेश्वर आदि ने रास्ता बंद करा दिया। इससे बालू लोड करने के लिए वाहन न तो घाट तक जा पाए और जो घाट पर पहुंच चुके थे वह वापस नहीं निकल पाए। दोपहर दो बजे से शुरू हुआ हंगामा शाम चार बजे तक चलता रहा। हंगामे की जानकारी होने पर इंस्पेक्टर पीके राय फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने रास्ता खुलवाने के लिए किसानों से बात की लेकिन वह नहीं माने।
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इसके बाद पुलिस ने एसडीएम से किसानों की फोन पर वार्ता कराई। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि बुधवार को जमीन की नाप कराई जाएगी। किसी के खेत से जबरन रास्ता नहीं बनाने दिया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने रास्ता खाली कर दिया।
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