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प्रसव के दौरान थमीं जच्चा-बच्चा की सांसें
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 03 Apr 2015 12:18 AM IST
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चायल (कौशाम्बी)। प्रसव के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बृहस्पतिवार को विवाहिता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। विवाहिता अजुहा की रहने वाली थी। जो परिवार के साथ पुरामुफ्ती के कोइलहा गांव के रहकर सिल-बट्टा बनाने का काम कर रही थी। उधर, विवाहिता की मौत पर घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। साथ ही परिजनों ने प्रसव के दौरान लापरवाही बरते जाने का आरोप अस्पतालकर्मियों और चिकित्सक पर लगाया है।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के अजुहा कस्बे का रहने वाला बरदानी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पुरामुफ्ती के कोइलहा गांव में डेरा डालकर अपना पुश्तैनी काम सिल-बट्टा बनाने का काम करता है। उसने बताया कि बुधवार की रात पत्नी सुनीता देवी (28) ने लड़की को जन्म दिया। बताया जाता है कि बेटी के पैदा होते ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इससे घबराए परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चायल पहुंचे और भर्ती करा दिया। जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने जहां नवजात बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
वहीं अस्पताल में भर्ती विवाहिता की भी बृहस्पतिवार की दोपहर सांसें थम गईं। विवाहिता के पति ने प्रसूता के इलाज और देखभाल में अस्पताल की महिला कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि सुबह अस्पताल की एक एनएनएम विवाहिता को इलाहाबाद रेफर कर रही थी, लेकिन दूसरी एएनएम ने उसे अस्पताल में ही भर्ती रखने की उसे सलाह देकर रोक दिया था। आरोप है कि इलाज में बरती गई लापरवाही के कारण ही सुनीता की मौत हुई है। देर शाम परिजनों ने मां और उसकी नवजात बेटी के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। जच्चा-बच्चा की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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उधर, मामले में पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी से बात करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन दिनभर उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्रा ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी से ही इंकार किया है। कहा कि शिकायत की जाती है, तो प्रकरण की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के अजुहा कस्बे का रहने वाला बरदानी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पुरामुफ्ती के कोइलहा गांव में डेरा डालकर अपना पुश्तैनी काम सिल-बट्टा बनाने का काम करता है। उसने बताया कि बुधवार की रात पत्नी सुनीता देवी (28) ने लड़की को जन्म दिया। बताया जाता है कि बेटी के पैदा होते ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इससे घबराए परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चायल पहुंचे और भर्ती करा दिया। जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने जहां नवजात बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
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वहीं अस्पताल में भर्ती विवाहिता की भी बृहस्पतिवार की दोपहर सांसें थम गईं। विवाहिता के पति ने प्रसूता के इलाज और देखभाल में अस्पताल की महिला कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि सुबह अस्पताल की एक एनएनएम विवाहिता को इलाहाबाद रेफर कर रही थी, लेकिन दूसरी एएनएम ने उसे अस्पताल में ही भर्ती रखने की उसे सलाह देकर रोक दिया था। आरोप है कि इलाज में बरती गई लापरवाही के कारण ही सुनीता की मौत हुई है। देर शाम परिजनों ने मां और उसकी नवजात बेटी के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। जच्चा-बच्चा की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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उधर, मामले में पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी से बात करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन दिनभर उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्रा ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी से ही इंकार किया है। कहा कि शिकायत की जाती है, तो प्रकरण की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।