{"_id":"5ca3b5bbbdec2213e43a5813","slug":"forgery-of-11-lacs-for-service-in-foreign","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठगी
Wed, 03 Apr 2019 12:49 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 03 Apr 2019 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिराथू। खाड़ी देश में नौकरी दिलाने का सुनहरा सपना दिखाकर दो ठगों ने आधा दर्जन युवकों से 11 लाख 40 हजार ऐंठ लिए। दो माह बाद भी कुवैत नहीं भेजे जाने पर ठगी का शिकार युवकों ने सीओ सिराथू से शिकायत की। क्षेत्राधिकारी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सैनी कोतवाली के जवाहर का पुरवा निवासी सर्वेश कुमार पुत्र चंद्र शेखर ने बताया कि कुछ दिन पहले आजमगढ़ के एक व्यक्ति ने कुवैत में नौकरी दिलाने का सब्ज बाग दिखाया तो उसने अपने कुछ अन्य बेरोजगार साथियों से इसका जिक्र किया। इसके बाद कमासिन निवासी बीरन लाल, कोखराज के टीकरडीह निवासी प्रदीप कुमार मंझनपुर निवासी मनोज कुमार, मोगा और सुरेश समेत सभी लोगों ने एक-एक कर पहली किश्त के रूप में 75-75 हजार रुपये उक्त जालसाज को दे दिए। सर्वेश का कहना है कि प्रथम किश्त लेने के बाद आजमगढ़ी सभी छह लोगोें को लखनऊ लेकर एक अन्य शख्स के पास पहुंचा।
एक आफिस में मुलाकात के बाद सभी युवकों से 1.80 लाख रुपये की दर से रकम यह कहते हुए अपने खाते में ट्रांसफर कराया कि पैसा जमा होने के बाद वीजा उपलब्ध हो जाएगा। पीड़ितों की मानें तो रोजगार की लालच में सभी ने पैसे खाते में भेज दिए। इसके बाद ऊपरी खर्च के नाम फिर से 10-10 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद से दो महीने गुजर गए पर, वीजा नहीं मुहैया कराया गया। दोनों जालसाज अब उन्हें गुमराह कर रहे हैं। पीड़ितों ने मंगलवार को मामले की शिकायत सीओ सिराथू से की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सैनी कोतवाली के जवाहर का पुरवा निवासी सर्वेश कुमार पुत्र चंद्र शेखर ने बताया कि कुछ दिन पहले आजमगढ़ के एक व्यक्ति ने कुवैत में नौकरी दिलाने का सब्ज बाग दिखाया तो उसने अपने कुछ अन्य बेरोजगार साथियों से इसका जिक्र किया। इसके बाद कमासिन निवासी बीरन लाल, कोखराज के टीकरडीह निवासी प्रदीप कुमार मंझनपुर निवासी मनोज कुमार, मोगा और सुरेश समेत सभी लोगों ने एक-एक कर पहली किश्त के रूप में 75-75 हजार रुपये उक्त जालसाज को दे दिए। सर्वेश का कहना है कि प्रथम किश्त लेने के बाद आजमगढ़ी सभी छह लोगोें को लखनऊ लेकर एक अन्य शख्स के पास पहुंचा।
विज्ञापन
एक आफिस में मुलाकात के बाद सभी युवकों से 1.80 लाख रुपये की दर से रकम यह कहते हुए अपने खाते में ट्रांसफर कराया कि पैसा जमा होने के बाद वीजा उपलब्ध हो जाएगा। पीड़ितों की मानें तो रोजगार की लालच में सभी ने पैसे खाते में भेज दिए। इसके बाद ऊपरी खर्च के नाम फिर से 10-10 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद से दो महीने गुजर गए पर, वीजा नहीं मुहैया कराया गया। दोनों जालसाज अब उन्हें गुमराह कर रहे हैं। पीड़ितों ने मंगलवार को मामले की शिकायत सीओ सिराथू से की है।
विज्ञापन