{"_id":"3bdced01ef8f84aa9a71bd30e20604b6","slug":"fireball-became-the-mother-daughter-at-home-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में आग का गोला बनीं मां-बेटी, मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर में आग का गोला बनीं मां-बेटी, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Wed, 06 May 2015 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संदिग्धदशा में सैनी के सौरई खुर्द गांव की विवाहिता संगीता देवी (30) और उसकी 3 महीने की दुधमुंही बेटी की मंगलवार दोपहर घर के भीतर जलने से मौत हो गई। विवाहिता का पति और ससुर अलीगढ़ ईंट भट्ठे में काम करते हैं। दोनों एक दिन पहले ही भट्ठे पर गए थे। सास अलग घर में रहती है। वह अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी। घटना के समय अन्य दोनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। फौरी तौर पर पुलिस और गांववाले घटना को खुदकुशी बता रहे हैं। मगर विवाहिता के मां-बाप ने जलाकर मार डालने का आरोप लगाया है। एसओ ने बताया कि घटना की तफ्तीश की जा रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के सौरई खुर्द गांव निवासी माता बदल अपने बेटे सुंदरलाल के साथ अलीगढ़ के एक ईंट भट्ठे पर काम करता है। सुंदरलाल की शादी 10 साल पहले बख्शीपार (मंझनपुर) की संगीता देवी पुत्री मोतीलाल से हुई थी। उसको तीन बच्चे अजय (6), विजय (4) और लक्ष्मी (3 माह) हैं। संगीता देवी की अपनी सास से पटरी नहीं बैठती थी। ऐसे में वह पति और बच्चों के साथ अलग रहने लगी थी। पति और ससुर कुछ दिन पहले भट्ठे से घर आए थे। बताया जाता है कि सोमवार को ही दोनों वापस गए हैं। इधर, मंगलवार को दिन में करीब 2 बजे संगीता देवी के घर से धुएं का गुबार और चीखें लोगों को सुनाई दीं।
अनहोनी की आशंका पर गांववालों के साथ सास बताशा देवी भी भागकर पहुंची। कमरे में विवाहिता अपनी तीन महीने की दुधमुंही बेटी के साथ आग का गोला बनी थी। यह मंजर देख लोगों की रूह कांप गई। ग्रामीणों ने प्रयास कर किसी तरह आग बुझाई। हालांकि तब तक मां-बेटी की मौत हो चुकी थी। घटना से पूरे गांव में सनसनी मच गई। सूचना पर इलाकाई पुलिस भी पहुंची। छानबीन के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांववालों की बातों पर यकीन करें तो विवाहिता ने बेटी को कमरे से बांधकर खुद को आग के हवाले किया है। पुलिस भी फौरी तौर पर घटना को खुदकुशी ही मान रही है। मौत की खबर सुनते ही रोेते बिलखते पहुंचे विवाहिता के पिता मोतीलाल और मां ने ससुराल के लोगों पर जलाकर मार डालने का आरोप लगाया है। हालांकि मायकेवाले इसकी कोई वजह नहीं बता पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सैनी कोतवाली क्षेत्र के सौरई खुर्द गांव निवासी माता बदल अपने बेटे सुंदरलाल के साथ अलीगढ़ के एक ईंट भट्ठे पर काम करता है। सुंदरलाल की शादी 10 साल पहले बख्शीपार (मंझनपुर) की संगीता देवी पुत्री मोतीलाल से हुई थी। उसको तीन बच्चे अजय (6), विजय (4) और लक्ष्मी (3 माह) हैं। संगीता देवी की अपनी सास से पटरी नहीं बैठती थी। ऐसे में वह पति और बच्चों के साथ अलग रहने लगी थी। पति और ससुर कुछ दिन पहले भट्ठे से घर आए थे। बताया जाता है कि सोमवार को ही दोनों वापस गए हैं। इधर, मंगलवार को दिन में करीब 2 बजे संगीता देवी के घर से धुएं का गुबार और चीखें लोगों को सुनाई दीं।
विज्ञापन
अनहोनी की आशंका पर गांववालों के साथ सास बताशा देवी भी भागकर पहुंची। कमरे में विवाहिता अपनी तीन महीने की दुधमुंही बेटी के साथ आग का गोला बनी थी। यह मंजर देख लोगों की रूह कांप गई। ग्रामीणों ने प्रयास कर किसी तरह आग बुझाई। हालांकि तब तक मां-बेटी की मौत हो चुकी थी। घटना से पूरे गांव में सनसनी मच गई। सूचना पर इलाकाई पुलिस भी पहुंची। छानबीन के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांववालों की बातों पर यकीन करें तो विवाहिता ने बेटी को कमरे से बांधकर खुद को आग के हवाले किया है। पुलिस भी फौरी तौर पर घटना को खुदकुशी ही मान रही है। मौत की खबर सुनते ही रोेते बिलखते पहुंचे विवाहिता के पिता मोतीलाल और मां ने ससुराल के लोगों पर जलाकर मार डालने का आरोप लगाया है। हालांकि मायकेवाले इसकी कोई वजह नहीं बता पा रहे हैं।
विज्ञापन