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बीमारी से आजिज विवाहिता ने खुद को जलाया, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:37 PM IST
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बीमारी से आजिज आकर शाहपुर पेरवा गांव की एक विवाहिता ने बुधवार की शाम खुद को आग के हवाले कर दिया। जलने से उसकी मौत हो गई। पत्नी को जलते देख आग बुझाने की कोशिश में पति भी झुलस गया। उसे नाजुक हालत में एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर एएसपी, सीओ ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मायकेवालों ने भी घटना को खुदकुशी ही माना है। जांच के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुरामुफ्ती के टिकरी गांव की रहने वाली रंजीता देवी की शादी करीब 22 साल पहले पिपरी थाने के शाहपुर पेरवा गांव में धारा सिंह कनौजिया से हुई थी। बताया जाता है कि शादी के 4 साल बाद से ही वह बीमार रहने लगी थी। इधर, बुधवार की शाम करीब 5 बजे वह घर के भीतर संदिग्धदशा में जल गई। लपटों से घिरी विवाहिता चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए घर से बाहर को भागी। घर के सामने आग का गोला बनकर दौड़ती विवाहिता को देखकर गांववालों की रूह कांप गई। वहीं घर के सामने बैठा पति भी सन्न रह गया। उसने आग बुझाकर पत्नी की जान बचाने की कोशिश की। इस दौयरान वह भी गंभीररूप से झुलस गया।
गांववालों ने आकर किसी तरह से आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक लोग आग बुझाते, रंजीता (44) की सांसें थम चुकी थीं। बुझाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे पति धारा सिंह को गांववाले नजदीकी अस्पताल लेकर गए। जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। वहीं विवाहिता की जलने से हुई मौत की खबर लगते ही इलाकाई पुलिस के साथ ही एएसपी और सीओ भी पहुंचे। मायके से आए उसके भाई राजेश कुमार ने बताया कि विवाहिता करीब 18 साल से बीमार रहती थी। इसी बीमारी से आजिज आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
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पुरामुफ्ती के टिकरी गांव की रहने वाली रंजीता देवी की शादी करीब 22 साल पहले पिपरी थाने के शाहपुर पेरवा गांव में धारा सिंह कनौजिया से हुई थी। बताया जाता है कि शादी के 4 साल बाद से ही वह बीमार रहने लगी थी। इधर, बुधवार की शाम करीब 5 बजे वह घर के भीतर संदिग्धदशा में जल गई। लपटों से घिरी विवाहिता चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए घर से बाहर को भागी। घर के सामने आग का गोला बनकर दौड़ती विवाहिता को देखकर गांववालों की रूह कांप गई। वहीं घर के सामने बैठा पति भी सन्न रह गया। उसने आग बुझाकर पत्नी की जान बचाने की कोशिश की। इस दौयरान वह भी गंभीररूप से झुलस गया।
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गांववालों ने आकर किसी तरह से आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक लोग आग बुझाते, रंजीता (44) की सांसें थम चुकी थीं। बुझाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे पति धारा सिंह को गांववाले नजदीकी अस्पताल लेकर गए। जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। वहीं विवाहिता की जलने से हुई मौत की खबर लगते ही इलाकाई पुलिस के साथ ही एएसपी और सीओ भी पहुंचे। मायके से आए उसके भाई राजेश कुमार ने बताया कि विवाहिता करीब 18 साल से बीमार रहती थी। इसी बीमारी से आजिज आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
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