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कौशाम्बी के दो भट्ठा मजदूरों की बिहार में हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 31 Mar 2015 12:07 AM IST
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पिंडरा। करारी के रक्सवारा गांव के रहने वाले चचेरे भाइयों की जहानाबाद (बिहार) के ईंट-भट्ठे में गोली मारकर हत्या कर दी गई। भट्ठा मालिक द्वारा रंगदारी नहीं देने पर नकाबपोश बदमाशों ने शनिवार की रात यह खूनी खेल खेला था। रविवार की रात जैसे ही दोनों लाशें आई। गांव में कोहराम मच गया। मां, पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रोते-रोते हालत खराब है। वहीं घटना से भड़के गांववाले युवकों को काम के लिए भट्ठे पर ले जाने वाले मिस्त्री को बुलाने और मुआवजे की मांग करते हुए करारी थाने का घेराव भी किया। एसओ ने भट्ठा मालिक से बात करके एक-एक लाख रुपये मुआवजे दिलाने का भरोसा दिलाकर लोगों का शांत कराया।
करारी कोतवाली क्षेत्र के रक्सवारा गांव के रहने वाले मोहनलाल (22) पुत्र मैकूलाल, विजय कुमार (16) पुत्र मिठाईलाल, राजकरन और झगड़ू को करीब तीन महीने पहले ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए गोराजू गांव का भट्ठा मिस्त्री लखनलाल लेकर जहानाबाद (बिहार) गया था। ये चारों युवक मननपुर घोसी गांव के भट्ठे पर काम करते थे। राजकरन और झगड़ू ने बताया कि शनिवार की रात करीब एक बजे नकाबपोश बदमाश भट्ठे पर आए। बदमाशों ने भट्ठा मालिक की बावत पूछताछ की। फिर इशारे से मजदूरों को बुलाने लगे।
बुलाने पर मोहनलाल और विजय निकलकर बाहर आ गए। बताया जाता है कि दोनों को भट्ठे से दूर ले जाकर बदमाशों ने गोली मार दी। मोहन और विजय की हत्या करके बदमाश भाग निकले। साथी मजदूर रविवार की आधी रात दोनों का शव लेकर रक्सवारा गांव आए, तो कोहराम मच गया। मोहन की पत्नी, विजय की मां समेत परिवार के अन्य सदस्य शव देखते ही चित्कार मार-मारकर रोने लगे। उधर, सुबह मौके पर गांववालों की भीड़ जमा हो गई। शव के साथ मिस्त्री के नहीं आने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मिस्त्री को बुलाने और मुआवजे की मांग लेकर लोगों ने ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार के साथ करारी थाने का घेराव भी किया। एसओ ने घोसी एसओ और भट्ठा मालिक से बात की। भट्ठा मालिक ने दो-तीन दिन के भीतर आकर एक-एक लाख रुपये मजदूरों के परिजनों को देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
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जहानाबाद बिहार के ईंट भट्ठे में बदमाशों के कहर में जान गंवाने वाले रक्सवारा गांव के मोहनलाल (22) की शादी तीन साल पहले ही मोहिनी के साथ हुई थी। शादी के बाद ही वह कमाने के लिए ईंट भट्ठों पर काम करने के लिए जाने लगा था। अभी मोहन-मोहिनी को कोई बच्चा भी नहीं है। वहीं इस बार जब मोहनलाल ईंट भट्ठे पर काम करने जाने लगा था, तो उसके साथ चचेरा भाई विजय (16) भी चला गया था। दोनों भट्ठे पर कोयला झोंकने का काम करते थे। इन दोनों की एक साथ हुई हत्या से पूरे कुनबे में मातम पसरा हुआ है। विजय की मां और मोहन की पत्नी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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करारी कोतवाली क्षेत्र के रक्सवारा गांव के रहने वाले मोहनलाल (22) पुत्र मैकूलाल, विजय कुमार (16) पुत्र मिठाईलाल, राजकरन और झगड़ू को करीब तीन महीने पहले ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए गोराजू गांव का भट्ठा मिस्त्री लखनलाल लेकर जहानाबाद (बिहार) गया था। ये चारों युवक मननपुर घोसी गांव के भट्ठे पर काम करते थे। राजकरन और झगड़ू ने बताया कि शनिवार की रात करीब एक बजे नकाबपोश बदमाश भट्ठे पर आए। बदमाशों ने भट्ठा मालिक की बावत पूछताछ की। फिर इशारे से मजदूरों को बुलाने लगे।
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बुलाने पर मोहनलाल और विजय निकलकर बाहर आ गए। बताया जाता है कि दोनों को भट्ठे से दूर ले जाकर बदमाशों ने गोली मार दी। मोहन और विजय की हत्या करके बदमाश भाग निकले। साथी मजदूर रविवार की आधी रात दोनों का शव लेकर रक्सवारा गांव आए, तो कोहराम मच गया। मोहन की पत्नी, विजय की मां समेत परिवार के अन्य सदस्य शव देखते ही चित्कार मार-मारकर रोने लगे। उधर, सुबह मौके पर गांववालों की भीड़ जमा हो गई। शव के साथ मिस्त्री के नहीं आने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मिस्त्री को बुलाने और मुआवजे की मांग लेकर लोगों ने ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार के साथ करारी थाने का घेराव भी किया। एसओ ने घोसी एसओ और भट्ठा मालिक से बात की। भट्ठा मालिक ने दो-तीन दिन के भीतर आकर एक-एक लाख रुपये मजदूरों के परिजनों को देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
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जहानाबाद बिहार के ईंट भट्ठे में बदमाशों के कहर में जान गंवाने वाले रक्सवारा गांव के मोहनलाल (22) की शादी तीन साल पहले ही मोहिनी के साथ हुई थी। शादी के बाद ही वह कमाने के लिए ईंट भट्ठों पर काम करने के लिए जाने लगा था। अभी मोहन-मोहिनी को कोई बच्चा भी नहीं है। वहीं इस बार जब मोहनलाल ईंट भट्ठे पर काम करने जाने लगा था, तो उसके साथ चचेरा भाई विजय (16) भी चला गया था। दोनों भट्ठे पर कोयला झोंकने का काम करते थे। इन दोनों की एक साथ हुई हत्या से पूरे कुनबे में मातम पसरा हुआ है। विजय की मां और मोहन की पत्नी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।