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प्रबंधक ने मांगी घूस, होगी एफआईआर
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Wed, 06 May 2015 12:03 AM IST
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नि:शक्त छात्र से टीसी के लिए 1500 रुपये की मांग भरवारी स्थित पीताम्बर लाल निर्मल शिक्षा सदन स्कूल के प्रबंधक को महंगी पड़ी है। छात्र की शिकायत पर डीएम ने एबीएसए को स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने और विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई का निर्देश दिया है।
भरवारी के मौली स्थित पीताम्बर लाल निर्मल शिक्षा सदन स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा आठ के नि:शक्त छात्र संदीप कुमार ने मंगलवार को तहसील दिवस में डीएम को प्रार्थनापत्र दिया। उसने डीएम को बताया कि उसने इस स्कूल से आठवीं की परीक्षा पास की है। टीसी लेने स्कूल गया था। टीसी देने के लिए प्रबंधक उससे 1500 रुपये की मांग कर रहे हैं जबकि वह टीसी के लिए 500 रुपये दे भी चुका है। बाकी रुपये नहीं देने के कारण अब तक उसे टीसी नहीं दी गई जबकि गरीबी के कारण वह टीसी के लिए और पैसों का इंतजाम नहीं कर सकता। छात्र की शिकायत के बाद डीएम ने डीआईओएस राजशेखर से जवाब तलब किया।
डीआईओएस ने उन्हें बताया कि स्कूल बीएसए के अधीन है। इसके बाद डीएम ने मंझनपुर एबीएसए रतनलाल को छात्र का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाए और स्कूल की मान्यता समाप्ति की भी कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई की भनक लगते ही स्कूल प्रशासन के होश उड़ गए। बतादें कि जिले में नर्सरी स्कूल जगह-जगह खुले हैं। इन स्कूलों में छात्रों से मनमानी फीस वसूल की जाती है। कई स्कूल मानक की अनदेखी कर चल रहे हैं। इसके बाद भी विभाग के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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भरवारी के मौली स्थित पीताम्बर लाल निर्मल शिक्षा सदन स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा आठ के नि:शक्त छात्र संदीप कुमार ने मंगलवार को तहसील दिवस में डीएम को प्रार्थनापत्र दिया। उसने डीएम को बताया कि उसने इस स्कूल से आठवीं की परीक्षा पास की है। टीसी लेने स्कूल गया था। टीसी देने के लिए प्रबंधक उससे 1500 रुपये की मांग कर रहे हैं जबकि वह टीसी के लिए 500 रुपये दे भी चुका है। बाकी रुपये नहीं देने के कारण अब तक उसे टीसी नहीं दी गई जबकि गरीबी के कारण वह टीसी के लिए और पैसों का इंतजाम नहीं कर सकता। छात्र की शिकायत के बाद डीएम ने डीआईओएस राजशेखर से जवाब तलब किया।
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डीआईओएस ने उन्हें बताया कि स्कूल बीएसए के अधीन है। इसके बाद डीएम ने मंझनपुर एबीएसए रतनलाल को छात्र का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाए और स्कूल की मान्यता समाप्ति की भी कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई की भनक लगते ही स्कूल प्रशासन के होश उड़ गए। बतादें कि जिले में नर्सरी स्कूल जगह-जगह खुले हैं। इन स्कूलों में छात्रों से मनमानी फीस वसूल की जाती है। कई स्कूल मानक की अनदेखी कर चल रहे हैं। इसके बाद भी विभाग के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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